






बीकानेर, 24 जुलाई। कोष एवं लेखा निदेशालय की निदेशक और पदेन संयुक्त शासन सचिव
श्रीमती संध्या शर्मा ने गुरुवार और शुक्रवार को कोष कार्यालय का प्रशासनिक निरीक्षण किया।
निदेशक ने कोष कार्यालय के सभी अनुभागों का निरीक्षण किया एवं इनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्मिकों की बैठक व्यवस्था, भवन की स्थिति तथा पेंशन अनुभाग के रिकॉर्ड का अवलोकन किया। कोषालय की कार्यप्रणाली, डबल लाॅक, स्टाम्प तथा पार्किंग व्यवस्था, आगुन्तुकों तथा पेंशनर्स की समस्याओं के निस्तारण एवं उनके बैठक व्यवस्था को सराहा। निदेशक ने बीकानेर कोष कार्यालय की भवन व्यवस्था को भी बेहतर बताया। यहां पदस्थापित राजस्थान लेखा सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लेखा सम्बंधी कार्य प्रणाली की समीक्षा की एवं वित्त विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विभागीय कार्यों को पुख्ता तरीके से करने के निर्देश दिए।
निदेशक ने जिला कलेक्टर श्री निशान्त जैन से मुलाकात की और विभिन्न विषयों पर संवाद किया। उन्होंने हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रषिक्षण संस्थान में प्रशिक्षु कनिष्ठ लेखाकारों को सम्बोधित किया और राजकीय कार्यव्यस्था के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
इससे पहले श्रीमती शर्मा के सर्किट हाउस पहुंचने पर कोषाधिकारी श्री सवाई सिंह बावरी और नगर निगम के वित्त नियंत्रक श्री धीरज जोशी ने उनकी अगवानी की। उन्होंने देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में पूजा अर्चना की। मंदिर ट्रस्ट द्वारा उनका सम्मान किया गया। सर्किट हाऊस में राजस्थान एकाउण्टेन्ट एसोसिएशन की राज्य और जिला इकाई के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया और अपनी प्रमुख आवश्यकताएं रखीं।
इस दौरान स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की अतिरिक्त निदेशक श्रीमती मीना सोनगरा, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की मुख्य लेखाधिकारी डाॅ. ज्योतिबाला व्यास, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के मुख्य लेखाधिकारी श्री पवन कुमार कस्वा, अतिरिक्त निदेशक (पेंशन) डाॅ. पुष्पाजंली श्रीमाली, सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य लेखा अधिकारी श्री कैलाश चंद्र पुरोहित, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक श्री देवेन्द्र सिंह राठौड़, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक श्री हनुमान प्रसाद, पीबीएम के वरिष्ठ लेखाधिकारी श्री बलवान सिंह, जिला परिषद के वरिष्ठ लेखाधिकारी श्री नवीन तिलोटिया, बीकानेर विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक श्री नरेश कुमार राजपुरोहित, श्रीमती हंसा राजपुरोहित, सुश्री चन्द्रकला एवं श्रीमती बिन्दिया अतिरिक्त कोषाधिकारी उपस्थित रहे।









