बीकानेर, 22 सितंबर। जलझूलनी (परिवर्तिनी) एकादशी के पावन अवसर पर जयपुर रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में मंगलवार को विशेष धार्मिक आयोजन हुए। इस अवसर पर बाबा खाटू श्याम का दिल्ली से विशेष रूप से मंगवाए गए विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे फूलों से भव्य एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। फूलों से सजे बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। बाबा के भजनों और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा।
“श्याम सलोने सांवरे, बर्बरीक तनुधार, इच्छा पूर्ण करो न लगाओ बार” जैसे भजनों के बीच श्रद्धालु बाबा की भक्ति में लीन नजर आए। विशेष फूलों से किए गए बाबा के मनमोहक श्रृंगार ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालुओं ने बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
धार्मिक मान्यता के अनुसार जलझूलनी एकादशी को ही परिवर्तिनी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा के दौरान करवट बदलते हैं, अर्थात अपनी स्थिति में परिवर्तन करते हैं। इसी कारण इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।
मंदिर प्रन्यास के सदस्य ओम जिंदल ने बताया कि जलझूलनी (परिवर्तिनी) एकादशी के अवसर पर बाबा के लिए विशेष फूलों का श्रृंगार तैयार करवाया गया। इसके लिए दिल्ली से विभिन्न प्रकार के फूल मंगवाए गए थे। फूलों की आकर्षक सजावट से बाबा का दरबार मनोहारी दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर पूरे दिन खुला रहा तथा दिनभर पूजा-अर्चना और दर्शन का क्रम चलता रहा।
एकादशी के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर बाबा के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रन्यास की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। दिनभर चले धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और उल्लास का वातावरण बना रहा।













