माँ प्रथम गुरु, उनके आशीर्वाद से ही जीवन सफल: आचार्य बजरंग दास जी महाराज
नोखा। श्री बालाजी सेवा धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के चौथे दिन शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कथा का वाचन करते हुए अनंत श्री विभूषित महामण्डलेश्वर श्री बालाजी सेवा धाम पीठाधीश्वर आचार्य श्री बजरंग दास जी महाराज ने माँ की महिमा का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया तथा परम वैरागी महर्षि सुखदेव जी की जन्म कथा का विस्तार से श्रवण कराया।
आचार्य श्री ने कहा कि माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि प्रथम गुरु, संस्कारों की आधारशिला और जीवन की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के जीवन में माता-पिता का सम्मान और गुरु का आशीर्वाद होता है, उसका जीवन सदैव उन्नति के मार्ग पर अग्रसर रहता है। महाराज श्री माँ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि “पुत्र कुपुत्र हो सकता है, लेकिन माँ कभी कुमाता नहीं होती।” उन्होंने कहा कि माँ का प्रेम, त्याग और वात्सल्य निस्वार्थ होता है। संतान चाहे कितनी भी भूल कर ले, माँ का हृदय सदैव उसके कल्याण की कामना करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से माता-पिता की सेवा और सम्मान को जीवन का सबसे बड़ा धर्म बताया।
कथा के दौरान उन्होंने महर्षि सुखदेव जी के अद्भुत जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि वैराग्य, ज्ञान और भक्ति का उनका जीवन मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।
कथा के दौरान देवशयनी एकादशी का महत्व भी विस्तार से बताया गया। आचार्य श्री ने कहा कि इस दिन से भगवान श्रीहरि विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास का शुभारंभ होता है। इस अवधि में जप, तप, दान, व्रत, सत्संग और भगवान के स्मरण का विशेष महत्व माना गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
आयोजन समिति के पुखराज सांखी ने बताया कि 22 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 12:15 बजे से शाम 4:15 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निःशुल्क बस सेवा, भोजन एवं आवास की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु कथा का लाभ उठा सकें।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 8:15 बजे गुरु पूजन, 9:15 बजे हवन-यज्ञ, 10:15 बजे गुरु आशीर्वाद वचन तथा दोपहर 12:15 बजे विशाल भंडारे का आयोजन होगा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इन धार्मिक आयोजनों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
कथा के दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, युवा, मातृशक्ति एवं मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं कथा स्थल पर पूरे समय भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालु भजनों और कथा श्रवण में तल्लीन दिखाई दिए।
















