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हिंसा से कभी धर्म संभव नहीं -उपासक   सुरेश बाफणा


आचार्य श्री महाश्रमण जी की कृपा से नोखा तेरापंथ भवन मे दो उपासक श्रीमान सुरेशजी बाफणा एवं उपासक श्रीमान कांतीभाई मेहता के निर्देशन में भी धार्मिक आराधना प्रवचन, तत्वचर्चा व तपस्या तथाआध्यात्मिक गतिविधियां हो रही है।

उपासक श्री बाफणा ने कहा हिंसा में कभी धर्म संभव नही अहिंसा में ही धर्म है।

व्यक्ति संयम का जीवन जिए उपशांत रहे, क्रोध न करें। तेरापंथ धर्म विलक्षण धर्म संघ है ।नोखा अच्छा क्षेत्र है।समय का सदुपयोग करें । प्रात, दोपहर, रात्रि के कार्यक्रम होंगे।
उपासक श्री कांति भाई मेहता  ने गितीका का संगान करते हुए छल-कपट से दूर रहकर सहज सरल जीवन जीने की प्रेरणा दी। आचार्य भिक्षु को महान संत बताया।  दान,जप,पाप, धर्म की व्याख्या की।
उपासक अनुराग बैद , उपासिका निर्मलाजी सेठिया, महिला मंडल द्वारा स्वागत गीत व अभिनंदन किया गया
इंद्रचंद बैद ने बताया उपासक द्वय के आने से नोखा में धर्म जागृति आएगी। उत्साह से लोग कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। रात्रि में धम्म जागरण हुआ। अनेक भाई बहनों ने उपवास का प्रत्याखान किया । आभार ज्ञापन मंत्री सुन्दर लाल सेठिया ने किया।
 

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Gordhan Soni

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