

बीकानेर, 28 जुलाई।
हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत राजकीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय, बीकानेर में औषधीय पौधों के वृक्षारोपण एवं संरक्षण का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आयुर्वेद में वर्णित औषधीय वनस्पतियों के महत्व एवं उनके स्वास्थ्य लाभों के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में द्रव्यगुण विभागाध्यक्ष डॉ. के. सी. अरोड़ा, डॉ. सुरेश सैनी, डॉ. राजकुमार पारीक, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. ओम प्रकाश लेखराव, डॉ. सोनम तथा महाविद्यालय के चिकित्सकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पर्यावरण प्रेमी श्री चुग जी एवं दिव्य नर्सरी का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर पारिजात, मीठा नीम, अर्जुन, करंज, बिल्व एवं खेजड़ी सहित विभिन्न औषधीय पौधों का रोपण किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पारिजात वातजन्य विकारों एवं सायटिका, अर्जुन हृदय रोगों, बिल्व पाचन संबंधी समस्याओं, करंज त्वचा रोगों तथा खेजड़ी श्वास संबंधी,उदर रोग रोगों एवं रक्तशोधन में आयुर्वेदिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इन पौधों का संरक्षण न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए औषधीय संपदा को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने अधिक से अधिक औषधीय पौधों का रोपण करने, उनकी नियमित देखरेख एवं संरक्षण सुनिश्चित करने तथा हरियालो राजस्थान अभियान को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया। साथ ही आयुर्वेद में वर्णित औषधीय पौधों के गुणों एवं उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाकर स्वस्थ समाज एवं हरित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया गया।













