श्री बालाजी सेवा धाम में धूमधाम से मनाया गुरु पूर्णिमा महोउत्सव
जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने लिया गुरुदेव का आशीर्वाद, पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण का किया आह्वान
नोखा। श्री बालाजी सेवा धाम में बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सेवा धाम को फूलों एवं रंग-बिरंगी सजावट से आकर्षक रूप से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सेवा धाम में आगमन शुरू हो गया था।
*गुरु पूजन, हवन-यज्ञ एवं विशाल भंडारे का आयोजन*
मीडिया प्रभारी पुखराज शर्मा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ, महाराज श्री के आशीर्वचन तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। वैदिक मंत्रों और वेदपाठ के बीच शिष्यों ने विधि-विधान से आहुतियां अर्पित कर यज्ञ संपन्न कराया।
*गणमान्य लोगों ने लिया गुरुदेव का आशीर्वाद*
इसके पश्चात सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक, औद्योगिक एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े श्रद्धालुओं और शिष्यों ने अनंत श्री विभूषित महामण्डलेश्वर, श्री बालाजी सेवा धाम पीठाधीश्वर आचार्य श्री बजरंगदास जी महाराज के चरणों में नमन कर उनका पूजन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।
*भगवान के स्मरण और गुरु भक्ति का दिया संदेश*
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित सत्संग में बजरंगदास जी महाराज ने गुरु महिमा, भगवान के स्मरण और हरिनाम संकीर्तन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य का भगवान से सच्चा संबंध जुड़ जाए तो वह भवसागर से पार हो सकता है। भगवान के अनेक स्वरूप हैं, लेकिन श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान नारायण का आश्रय लेने से जीवन का कल्याण निश्चित है।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि आज से किसी की निंदा नहीं करेंगे। साथ ही हनुमानजी को अपना गुरु मानकर भगवान श्रीराम के भजन और नाम-स्मरण में जीवन लगाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि रामभक्ति के बिना जीवन का वास्तविक कल्याण संभव नहीं है।
कलियुग में हरिनाम संकीर्तन सबसे बड़ा सहारा
महाराज श्री ने कहा कि कलियुग में भगवान का नाम ही सबसे बड़ा सहारा है। प्रत्येक घर में प्रतिदिन कम से कम एक घंटे हरिनाम संकीर्तन अवश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति श्रद्धा और अटूट विश्वास आवश्यक है। जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करे, वही सच्चा गुरु है।
उन्होंने बताया कि जीवन में तीन प्रकार के गुरु होते हैं—पहली गुरु माता, दूसरे शिक्षा गुरु और तीसरे दीक्षा गुरु। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक दीक्षा गुरु अवश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल गुरु पूर्णिमा ही नहीं, बल्कि व्यास पूर्णिमा भी है। संत-महात्माओं का सम्मान और वंदन करना ही इस पर्व का वास्तविक संदेश है।
*भजन-कीर्तन के साथ हुआ समापन*
प्रवचन के पश्चात भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। महाराज श्री ने सभी श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्रदान किया।
*जिला कलेक्टर ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*
नागौर जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करना समय की आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसकी देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य का आधार भी हैं।
गुरु पूर्णिमा पर किया पौधारोपण
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर बालाजी सेवा धाम परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया गया। अनंत श्री विभूषित महामण्डलेश्वर आचार्य श्री बजरंगदास जी महाराज के सान्निध्य में नागौर जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसडीएम गोविंद सिंह भीचर तथा अन्य अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान सभी से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में नागौर जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसडीएम गोविंद सिंह भीचर सहित अनेक उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



















