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भगवान महादेव को सरसों के तेल से अभिषेक और काले तिल से सहस्रसन कर रिझाया



नोखा। यहाँ तहसील परिसर स्थित अर्केश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास की पूर्व संध्या श्रावण लागती पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 से रक्षाबंधन 28 अगस्त तक 31 दिनों तक अर्केश्वर महादेव परिवार की ओर से मंदिर व्यवस्थापक लालचन्द उपाध्याय के सानिध्य एवं रोड़ा के कठातला परिवार के दो विद्वान पंडितों बलराम कठातला व मधुसूदन द्वारा विधिविधान एवं मंत्रोच्चार के साथ चल रही भगवान महादेव की विशेष श्रावणी पूजा के चौथे दिन शनिवार 1 अगस्त को अर्केश्वर महादेव परिवार के दिनेशसिंह राजपुरोहित की अगुवाई में भगवान महादेव के सरसों के तेल का रुद्राभिषेक और काले तिल से सहस्रसन किया गया।
भगवान महादेव के प्रिय पवित्र श्रावण मास में भगवान शंकर को बेलपत्र, धतुरा और आक पुष्पों सहित विभिन्न प्रकार के पुष्पों व विजया (भांग), दूध, दही, घृत, मधु, अबीर, गुलाल, चन्दन, फल आदि विभिन्न प्रकार के द्रव्यों और वस्तुओं से आस्था और विश्वास के साथ भाव पूर्वक पूजा अर्चना और भक्ति भाव में इतने सराबोर हो जाते हैं कि शिव भक्त विजय मारू, उमेश राठी आदि अपने पांवों को रोक नहीं पाते और झूम पड़ते हैं तो अन्य भक्त तालियां और महादेव के जयकारों से शिवालाय को गुंजायमान करने में पीछे नहीं रहते।
मंदिर परिवार के टीम सदस्य इन्द्रचन्द मोदी द्वारा प्रेस नोट जारी कर उक्त जानकारी देते हुए बताया कि पूजा करने वालों में दिनेशसिंह राजपुरोहित, मोहित जोशी, ललित चितलंगी, ओमप्रकाश राठी, ओमप्रकाश पारीक, मदन जोशी, इन्द्रचन्द मोदी, जेयकरण चारण, विजय मारू, अनिल पारीक, नवरतन सोनी, प्रवीण भूरा, राजू पनवाड़ी, गोपाल मालाणी, राधे सोनी, मालचन्द सेवग, महादेव नाई, आनंद दैया, ब्रह्मप्रकाश तंवर, गोपीकिशन पाणेचा, बाबूलाल साध आदि उपस्थित रहे।

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Gordhan Soni

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