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“तीन बाण के धारी, तू न संभाले तो हमें कौन संभाले”—बाबा श्याम की भक्ति में झूमे श्रद्धालु

बीकानेर – दिनेश गुप्ता

कामिका एकादशी पर खाटू श्याम मंदिर में हुआ बाबा श्याम का दिव्य एवं अलौकिक श्रृंगार, इत्र की सुगंध से महका मंदिर परिसर
बीकानेर। सावन मास की पावन कामिका एकादशी के अवसर पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को जयपुर रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में भव्य एवं विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। इस अवसर पर बाबा श्याम का दिल्ली से विशेष रूप से मंगवाए गए ताजे, सुगंधित एवं आकर्षक फूलों से दिव्य एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया। मुख्य पुजारी चेतन शर्मा एवं कृष्ण जोशी ने बाबा श्याम का मनोहारी श्रृंगार किया। रंग-बिरंगे फूलों से सजे बाबा श्याम का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
4 फीट के बर्फ शिवलिंग ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
सावन मास की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ का भी विशेष आकर्षक श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर उमाशंकर सोनी एवं मनीष सोनी द्वारा करीब 4 फीट ऊंचे बर्फ से निर्मित विशाल शिवलिंग का निर्माण किया गया, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। बर्फ से बने मनोहारी शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ के समक्ष जल, पुष्प एवं पूजा सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।
मंदिर परिसर को भी फूलों एवं आकर्षक सजावट से मनोहारी ढंग से सजाया गया। बाबा श्याम के दरबार में पहुंचते ही श्रद्धालुओं को दिव्य एवं भक्तिमय वातावरण का अनुभव हुआ। मंदिर परिसर में इत्र की मनमोहक सुगंध वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना रही थी। श्रद्धालु अपने साथ पुष्प एवं इत्र की शीशियां लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे और श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की।
भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंजा मंदिर
कामिका एकादशी के अवसर पर मंदिर में दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। श्रद्धालु बाबा श्याम की भक्ति में लीन होकर भजनों पर झूमते नजर आए। “हारे के सहारे बाबा श्याम”, “तीन बाण के धारी, तू न संभाले तो हमें कौन संभाले” सहित विभिन्न श्याम भजनों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बाबा श्याम के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु
कामिका एकादशी के विशेष अवसर पर बीकानेर सहित आसपास के शहरों एवं दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री खाटू श्याम मंदिर पहुंचे। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। भक्तों ने कतारबद्ध होकर बाबा श्याम के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए और सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य एवं मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के चरणों में पुष्प एवं इत्र अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। वहीं सावन मास के चलते श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर भी अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
कामिका एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कामिका एकादशी भगवान श्री विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि कामिका एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है, भगवान की कृपा प्राप्त होती है तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। पितरों की तृप्ति एवं उनकी कृपा प्राप्ति के लिए भी इस एकादशी को महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसी धार्मिक आस्था के चलते श्रद्धालुओं ने कामिका एकादशी पर व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना की और मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। वहीं खाटू श्याम मंदिर में बाबा श्याम के विशेष श्रृंगार, फूलों की सजावट, इत्र की खुशबू और सावन मास के चलते भगवान भोलेनाथ के 4 फीट ऊंचे बर्फ शिवलिंग के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहे।
पूरे आयोजन के दौरान “हारे के सहारे बाबा श्याम” और “श्याम बाबा की जय” के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। भक्तिमय वातावरण, फूलों की मनोहारी सजावट, इत्र की खुशबू, भजनों की मधुर धुनों और बर्फ से निर्मित विशाल शिवलिंग ने कामिका एकादशी के आयोजन को विशेष एवं यादगार बना दिया।

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Gordhan Soni

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