बीकानेर, 15 सितम्बर। श्री पार्श्वचन्द्र सूरि गच्छ जैन संघ के आसानियों के चौक के रामपुरियों के बड़े उपासरे में साध्वी पदम प्रभा व वयोवृद्ध साध्वी सुव्रता श्रीजी के सान्निध्य बुधवार को संवत्सरि महापर्व मनाया जाएगा। जैन धर्म के प्रमुख धर्मग्रंथ कल्पसूत्र के मूल पाठ बारासा सूत्र का वाचन प्राकृत भाषा में किया जाएगा। चैत्य परिपाटी के तहत जिनालयों में दर्शन वंदन के बाद पर्युषण पर्व के धार्मिक-आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। एक दूसरे को जाने-अन्जाने में हुई भूलों व गलतियों के लिए क्षमा याचना की जाएगी।
वयोवृद्ध साध्वी सुव्रताश्रीजी ने मंगलवार को कल्पसूत्र का वाचन विवेचन करते हुए चौबीस तीर्थंकरों के आदर्श, पट्टावली आदि का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जैन धर्म में बारासा सूत्र चौहवें पूर्वधर महर्षि भद्रबाहु सूश्विरजी म.सा. द्वारा रचित श्री दशाश्रुत स्कंध का आठवां अध्याय है। इस सूत्र में तीर्थंकर परमात्मा का सम्पूर्ण जीवन चरित्र और उनकी वंदना का वर्णन है। इसको जैन आगम ग्रंथों का एक अत्यन्त पवित्र और महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। बारासा सूत्र का प्रत्येक अक्षर को मंत्र के समान प्रभावशाली है, इसको सुनने से अमोघ पुण्य की प्राप्ति होती है।
श्री पार्श्वचन्द्र सूरि गच्छ जैन संघ के अध्यक्ष रवीन्द्र रामपुरिया ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी के जिनालय में सोमवार रात भक्ति तथा मंगलवार को प्रतिमाओं का विशेष श्रृंगार किया गया। भक्ति में वीरेन्द्र पप्पूजी बांठिया सहित अनेक कलाकारों ने भजन प्रस्तुत किए। गच्छ के मंत्री प्रताप रामपुरिया ने बताया कि बुधवार को मति ज्ञान, श्रुत ज्ञान, अवधि ज्ञान, मनः पर्याय ज्ञान, केवल्य ज्ञान की पूजा की जाएगी। इनका लाभ लेने वालों के नाम बोली के माध्यम से तय किये गए। कल्पसूत्र के मूलपाठ बारह (बारासा सूत्र) को वांचन के लिए साध्वीजी को भेंट करने का लाभ सुश्रावक त्रिलोक चंद, हीरालाल व रविन्द्र रामपुरिया परिवार ने लिया । ज्ञान पूजा का लाभ सुश्रावक प्रकाश चंद, सुपार्श्व बांठिया, रतन लाल राजकुमार बांठिया, श्री फौजराज बांठिया परिवार, बारासा सूत्र के प्रसंगानुसार परमात्मा के चित्र के प्रदर्शन का लाभ प्रकाश चंद-तारा देवी बांठिया परिवार ने लिया है।














