Bikaner Live

उत्तरकांड के बिना रामायण अधूरी – दंडी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती


नौखा। यहाँ लाहोटी चौक स्थित अयोध्या धाम में चातुर्मास सत्संग समिति नौखा की ओर से 29 जुलाई 2026 से चल रही श्री वाल्मीकि रामायण कथा के 50 वें दिन बुधवार को व्यास पीठ पर विराजित दंडी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती महाराज ने कथा में उत्तर कांड को प्रारंभ करते हुए कहा कि उत्तर कांड का उल्लेख विभिन्न कथाओं में आता है। इस कांड का अर्थ शुरू होने अर्थात तत्काल किसी भी प्रसंग का उत्तर देने से है। उन्होंने कहा कि उत्तर कांड के बिना रामायण भी अधूरी है। महाराज ने राक्षस मेघनाथ को अपने पिता रावण से भी बड़ा बलवान, यशस्वी होने को लेकर विस्तार से प्रकाश डाला। एक राक्षसी द्वारा पुत्र जन्म देने के बाद पुत्र को छोड़कर अयासी करने के लिये चली जाने और उसके पुत्र के रोने के दौरान ऊपर से भगवान शंकर और पार्वती के निकलने के दौरान रोते हुए बच्चे की आवाज सुनकर पार्वती बच्चे की मदद करने की बात भगवान शंकर से कहती है तो भगवान शंकर कहते हैं कि तू क्यों चिंता करती है यहाँ कोई आता है कोई जाता है कोई रोता है तो कोई हँसता है। पार्वती के ज्यादा कहने पर भगवान शंकर ने कहा कि यह बालक अमर हो जायेगा। महाराज ने माल्यवान, सुमाली और माली इन तीनों राक्षस भाइयों को ब्रह्मा जी द्वारा वरदान मिलने पर अत्याचार, इन तीनों भाइयों की शादी होने व इन तीनों के सन्तान आगे से आगे इन राक्षसों के अत्याचारों की कथा पर प्रकाश डाला। कथा के बाद आरती व प्रसाद वितरण किया गया। समिति के मीडिया प्रभारी इन्द्रचन्द मोदी ने बताया कि गिरधारी पारीक, प्रहलाद व गोपाल मोहता, नारायण डागा, जुगल लोहिया आदि व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं।

Picture of Gordhan Soni

Gordhan Soni

खबर

Related Post

error: Content is protected !!