राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी सहित देशभर के पदाधिकारी पहुंचे, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों के संरक्षण पर होगा मंथन
बीकानेर/किशनगढ़, 18 सितंबर। श्री गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति भारत का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार को किशनगढ़ में शुरू हुआ। 18 और 19 सितंबर तक चलने वाले सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों एवं जिलों से समिति के पदाधिकारी, साधक और कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर मंत्री तथा राष्ट्रीय महामंत्री सरिता सरावगी सहित अनेक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी शामिल हुए हैं। इनके मार्गदर्शन में गर्भस्थ शिशुओं की सुरक्षा, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम और बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने जैसे विषयों पर विचार-मंथन किया जा रहा है।
कोटा, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, बारां और झालावाड़ जिलों के प्रभारी एवं उपाध्यक्ष घनश्याम लाठी के नेतृत्व में भी साधकों का दल सम्मेलन में शामिल हुआ। पहले दिन रात्रि में नए साधकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सत्र में समिति के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली तथा जनजागरण अभियान के प्रभावी संचालन की जानकारी दी जाएगी। साधक अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेंगे।
स्वामी रामसुखदास महाराज की प्रेरणा से स्थापित श्री गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति पिछले 31 वर्षों से कन्या भ्रूण हत्या रोकने और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही है। समिति से जुड़े साधक अपने स्तर पर लोगों को जागरूक कर बेटियों के जीवन, शिक्षा और सम्मान की रक्षा का संकल्प दिलाते हैं।
सम्मेलन के दूसरे दिन 19 सितंबर को प्रातः 5 बजे भजन-कीर्तन के साथ किशनगढ़ शहर में विशाल जनजागरण रैली निकाली जाएगी। रैली के माध्यम से गर्भस्थ शिशुओं की रक्षा, बेटियों के सम्मान तथा कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने का संदेश दिया जाएगा।
इसके बाद संतों एवं प्रमुख वक्ताओं के संबोधन होंगे। सम्मेलन के अंतिम सत्र में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संस्था के कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी अभियानों और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
















