जनजागरण रैली में अग्रवाल पब्लिक स्कूल एवं अग्रवाल उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने लिया भाग;
कन्या भ्रूण हत्या रोकने का दिया संदेश
किशनगढ़/अजमेर गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति भारत, शाखा किशनगढ़ की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को संपन्न हुआ। 18 और 19 सितंबर को आयोजित सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों एवं जिलों से आए पदाधिकारियों, साधकों और कार्यकर्ताओं ने गर्भस्थ शिशुओं की सुरक्षा, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम तथा बेटियों के संरक्षण को लेकर विचार-मंथन किया।
सम्मेलन के दूसरे दिन किशनगढ़ शहर में विशाल जनजागरण रैली निकाली गई। रैली रविंद्र रंगमंच से शुरू होकर नगर के प्रमुख चौराहों से होते हुए सूरज देवी पाटनी सभागार पहुंची। रैली में अग्रवाल पब्लिक स्कूल और अग्रवाल उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों और समिति के कार्यकर्ताओं ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लेकर कन्या भ्रूण हत्या रोकने, बेटियों को बचाने और उन्हें शिक्षित करने का संदेश दिया।
रैली के दौरान “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, “गर्भ का बच्चा करे पुकार, मां मेरी मत कर मेरा संहार” तथा “गर्भपात महापाप” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। भजन-कीर्तन और प्रेरक नारों के साथ निकली रैली ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया।
इसके बाद सूरज देवी पाटनी सभागार में आयोजित सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रम में संतों एवं प्रमुख वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रामकुमार भूतड़ा ने की। मुख्य वक्ता भागवत आचार्य श्री कन्हैयालाल पालीवाल ‘प्रभु प्रेमी’ तथा विशिष्ट अतिथि संघ परिवार के क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री रहे। वक्ताओं ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या केवल कानूनी अपराध ही नहीं, बल्कि गंभीर सामाजिक और मानवीय बुराई भी है। इसे रोकने के लिए परिवार, समाज, शिक्षण संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को मिलकर कार्य करना होगा।
सम्मेलन में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री, राष्ट्रीय महामंत्री सरिता सरावगी सहित अनेक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारियों ने भाग लिया। पदाधिकारियों ने समिति की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी जनजागरण अभियानों की रूपरेखा पर चर्चा की।
आयोजन में सुशील अग्रवाल, अमित अग्रवाल, ओम तोषनीवाल, शिवकरण ईनाणी, घनश्याम अग्रवाल और श्रीमती नीतू बल्दवा सहित स्थानीय कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
स्वामी रामसुखदास महाराज की प्रेरणा से स्थापित समिति पिछले 31 वर्षों से कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध जनजागरण और बेटियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। सम्मेलन के समापन पर उपस्थित पदाधिकारियों, साधकों और विद्यार्थियों ने गर्भस्थ शिशुओं की रक्षा तथा बेटियों के सम्मान के लिए समाज में निरंतर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।




































