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नोखा में 100 कुंडीय अयुत चंडी महायज्ञ एवं श्रीमद् देवी भागवत कथा व काशी की तर्ज पर महा आरती में उमड़ रहा है जन सैलाब

नोखा यहाँ राजकीय बाबा छोटूनाथ विद्यालय के विशाल खेल मैदान भव्य दिव्य तीर्थ क्षेत्र में चातुर्मास सत्संग समिति नोखा की ओर से पूज्य दंडी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में पिछले ढाई माह से आयोजित हो रहे भव्य धार्मिक चातुर्मास महोत्सव एवं दिव्य अनुष्ठान व 11 अक्टूबर रविवार को निकली भव्य मंगल कलश शोभा यात्रा को लेकर नोखा नगरी ही नहीं आस पास व दूर दराज तक का क्षेत्र भी धर्ममय हो रहा है। हर किसी के जुबा पर एक ही चर्चा है कि इतना बड़ा भव्य आयोजन दशकों से भी नहीं हुआ। दो दिनों से विशाल महा यज्ञशाला में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये विद्वान पंडितों, आचार्यों द्वारा 100 यज्ञ कुंडों में आहुतियां दी जा रही है वहीं यज्ञशाला के सामने विशाल पंडाल में 10 दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। कथा व्यास परम पूज्य डा. गुणप्रकाश महाराज व्यास पीठ पर विराजित होकर हजारों की तादाद में नर-नारी श्रोताओं को श्रीमद् देवी महापुराण कथा ज्ञान गंगा में डुबकियां लगवाते हुए उन्हें भाव विभोर कर रहे है। कथा के दूसरे दिन सोमवार को श्रीमद् देवी भागवत कथा के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि व्यासजी ने भगवती की आराधना करके भगवान कृष्ण को प्राप्त किया, देवी भागवत क्या है, अध्याय, श्लोक संख्या का निरूपण, नारदजी ने कैसे व्यासजी को देवी की महिमा का ज्ञान करवाया आदि प्रसंगों पर प्रकाश डाला। महाराज श्री ने कहा कि भगवती राज राजेश्वरी की कथा 9 दिनों तक की जाती है। इस कथा का पान करने से कल्याण होता है और सभी प्रकार के कष्ट कट जाते है। यह कोई साधारण ईश नहीं है, यह माँ की कथा है माँ तो माँ ही होती है। माँ की महिमा पर भी प्रकाश डालते हुए श्रोताओं से कहा कि माता पिता व अपने पूर्वजों पितरों को प्रणाम करना चाहिए और बच्चों में भी अच्छे संस्कार डालने और यज्ञशाला का दर्शन व परिक्रमा करवानी चाहिए। किसी भी देवी देवता, गुरु, पितरों सहित किसी की भी निंदा नहीं करनी चाहिए। इस कली काल कलयुग में आपके घरों में कलयुग का प्रवेश रोकने के लिए माता पिता, गौमाता की पूजा करने की बात कही। कथा प्रारंभ से पूर्व मुख्य श्रोता यजमान रामेश्वरलाल झंवर सपत्नि दुर्गा देवी झंवर के संग व्यास पीठ व व्यास जी की पूजा की और आसन के सामने प्रथम पंक्ति में बैठकर कथा पान किया। देवीभागवत कथा का मूल पाठ विद्वान आचार्य आदर्श महाराज (वृन्दावन) कर रहे है। कथा के बाद काशी की तर्ज पर अद्भुत आरती के दर्शनार्थ हुजुम उमड़ पड़ा। प्रहलाद मोहता, गिरधारी पारिक, दामोदर तिवाड़ी, पवन चांडक, नारायण राठी, बृजमोहन डागा, रामेश्वर छीम्पा, जुगल लोहिया, ओम प्रकाश तिवाड़ी, मेघराज लहोटी, राजू मल, पवन लहोटी आदि व्यवस्था में जुटे है। उक्त जानकारी इन्द्रचंद मोदी ने प्रेस नोट जारी कर बताया।

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Gordhan Soni

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