

जन जन री आ ही पुकार
मोदी मायड़ ने बेगी तार।
म्हारी जबान पर ताळो क्यू
राजस्थानी ने टाळो क्यू।।
राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ने और राजस्थान प्रदेश की राजभाषा बनाने को लेकर राजस्थानी मोट्यार परिसद ओर प्रसिद्ध हास्य कलाकार मुरारी लाल पारीक की टीम के नेतृत्व में सैकड़ो की संख्या में युवाओं,वरिष्ठ साहित्यकारो, विभिन्न भाषा हेतालुओ के संघटनो की सम्मिलित अगुवाई में रवाना हुई रैली को वरिष्ठ साहित्यकार मधु आचार्य ‘आशावादी’,कमल रंगा, छात्रसंघ उपाध्यक्ष कन्हैया लाल और हास्य अभिनेता मुरारीलाल पारीक,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ गौरीशंकर प्रजापत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली गांधी पार्क से रवाना होकर कलेक्ट्रेट तक राजस्थानी नारो से गुंजायमान ,राजस्थानी शान ऊंटगाड़ो सहित सैकड़ो की संख्या में यूआवो, महिलाओं,विद्यार्थियों के जुलुस के रूप में पहुंची।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।
इससे पूर्व रैली को संबोधित करते हुए मधु आचार्य ,डॉ गौरीशंकर प्रजापत,विनोद सारस्वत,कमल रंगा,रामावतार उपाध्याय,डॉ हरिराम बिश्नोई,राजेश चौधरी,मुकेश रामावत,भरतदान चारण,छात्रसंघ उपाध्यक्ष कन्हैयालाल,हरीश बी शर्मा,मनीषा आर्य, अजयकंवर,विमला बिश्नोई,कुसुम स्वामी सहित अन्य पदाधिकारियो ने युवाओं को संबोधित करते हुए मायड़ भाषा के महत्व को समझाया।
इस रैली में राजाराम स्वर्णकार, डॉ फारूख जी , मोईनुद्दीन जी, नितेश शर्मा,करन चौधरी हनुमान सिह,मदन दान ,मुकेश दान चारन,जय प्रकाश जोशी , अमीत कुमार, दीनदयाल उपाध्याय, रामदयाल मूंड,दिलीप उपाध्याय,कृष्ण पुरोहित,किशनलाल बिश्नोई, शयामसुन्दर आदि ने राजस्थानी भाषा के नारों से आम जनता को मायड़भाषा के महत्व को बताया।
मुरारीलाल पारीक ने कहा कि हम सबको राजस्थानी भाषा को बोलचाल की भाषा मे अपनाकर हम सबको मान्यता देनी चाईये।















