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शिक्षा के बिना जीवन में रहती है शून्यता: ऊर्जा मंत्री
भोलासर स्कूल में वार्षिकोत्सव आयोजित


बीकानेर, 12 मार्च। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भोलासर का वार्षिक उत्सव शनिवार को आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी थे। उन्होंने कहा कि आज के युग में शिक्षा के बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता। इसके मद्देनजर समाज के प्रत्येक वर्ग को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन में शून्यता महसूस होती है। ग्रामीणों को चाहिए कि वह अपने गांव और गुवाड़ में ऐसे बच्चों को चिन्हित करें, जिन्होंने अब तक शाला में प्रवेश नहीं लिया है। ऐसे बच्चों के अभिभावकों को समझाएं कि शिक्षा उनके जीवन के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनको अच्छे और बुरे के पहचान की समझ बनती है। भाटी ने कहा कि यह शिक्षा का ही असर है कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपना और अपने परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें शिक्षित करना जरूरी है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रीकोलायत को उच्च शिक्षा की अनेक सौगातें दी गई हैं। कुछ समय पूर्व तक यहां एक भी कॉलेज नहीं था और वर्तमान में श्रीकोलायत में पांच महाविद्यालय संचालित हैं। इस वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने श्रीकोलायत को राजकीय कन्या महाविद्यालय दिया है। इसी प्रकार 50 स्कूलों को उच्च माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बजट में प्रत्येक वर्ग का ध्यान रखा गया है। कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई है। इससे 1 जनवरी 2004 और इसके बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य है, जहां यह पहल हुई है। उन्होंने कहा कि बीकानेर से दासोड़ी और ओसियां तक चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। साथ ही भोलासर में बालिका स्कूल खुलवाने का प्रयास होगा। यहां के क्षतिग्रस्त भवन को दुरुस्त करवाया जाएगा तथा समग्र शिक्षा से इस विद्यालय में 5 कमरे बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा अगर आवश्यकता हुई तो विधायक कोष से राशि स्वीकृत की जायेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समग्र शिक्षा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक हेतराम सारण ने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाकर सामाजिक उत्थान के लिए प्रेरित किया जा सकता है। शिक्षा से ही बच्चों को संस्कारवान बनाया जा सकता है। आज के दौर में अच्छे संस्कारों की बेहद जरूरत है। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी संपूर्ण विकास के लिए जरूरी बताया।
स्कूल प्राचार्य नरेश पोपली ने शाला का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और आधारभूत सुविधाओं के विकास में भामाशाहों के योगदान पर आभार जताया।
इस अवसर पर झंवर लाल सेठिया, जिला परिषद सदस्य मदन मेघवाल, सहायक परियोजना समन्वयक कैलाश बड़गुजर, कार्यक्रम अधिकारी समग्र शिक्षा पृथ्वी राज लेघा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिव शंकर सांखला और उमेश वोहरा ने किया।

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