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इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना
अब तक 404 को मिला ऋण, चौथे स्थान पर पहुंचा जिला


बीकानेर, 21 मार्च। इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण स्वीकृति और राशि हस्तांतरण की धीमी प्रगति को जिला कलक्टर ने गंभीरता से लिया और सभी बैंकर्स को आगामी दस दिनों में स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने सोमवार को विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मार्च के पहले सप्ताह तक सिर्फ 101 लाभार्थियों को राशि हस्तांतरित की गई। इसके बाद नियमित समीक्षा के कारण अब तक 404 लोगों को राशि मिल सकी है। सर्वाधिक राशि हस्तांतरण के मामले में जयपुर, अजमेर और सीकर के बाद बीकानेर चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
यह है स्थिति
जिले में इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 20 हजार 147 के लक्ष्य के विरूद्ध 11 हजार 362 आवेदन प्राप्त हुए। विभिन्न बैंकों द्वारा अब तक सिर्फ 402 प्रकरणों में ही राशि लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित करते हुए इसकी सूचना पोर्टल पर ऑनलाइन की है। जबकि 8 हजार 297 आवेदन बैंकों के पास लंबित हैं। अब तक एसबीआई द्वारा 315, बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 16, केनरा बैंक द्वारा 2, पीएनबी द्वारा 4 तथा यूको बैंक द्वारा सिर्फ दस लाभार्थियों को बैंक राशि हस्तांतरित की गई है। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आवेदन बेवजह रिजेक्ट नहीं किए जाएं। सभी रिजेक्ट आवेदनों की जांच करवाई जाएगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री लघु उद्यम प्रोत्साहन योजना, इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, अनुजा निगम की पोप एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने राजस्थान मरूधर ग्रामीण बैंक की प्रगति पर संतोष जताया।
बैठक में एसबीआई के सहायक महाप्रबंधक अनिल सहाय, हरीश राजपाल, पीएनबी के सर्किल हैड कृष्ण कुमार, मरूधरा ग्रामीण बैंक कें अतुल सरदाना, लीड बैंक प्रबंधन एमएमएल पुरोहित, जिला उद्योग केन्द्र की महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एलडी पंवार, महिला अधिकारिता के सतीष पड़िहार आदि मौजूद रहे।
अस्वीकार नहीं किए जाएं सिक्के
जिला कलक्टर ने कहा कि जिले के दुकानदारों द्वारा भुगतान के दौरान ग्राहकों से सिक्के स्वीकार नहीं किए जाने संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा की बैंकर्स द्वारा इस दिशा में नियमानुसार कार्यवाही की जाए। अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया कि भारतीय कोइन एक्ट के तहत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी सिक्के, विधि मान्य मुद्रा है। इसे अस्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसा किए जाने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है।

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