




बीकानेर स्थापना दिवस एव अक्षय तृतीया को एक त्योहार के रूप में बीकानेर शहर में बड़ी धुमधांम से मनाया जा रहा है। अक्षय तृतीया पर बनने वाले विशेष व्यंजन खिचड़ा मंगोड़ी की सब्जी और इमली का पानी इसे इमलाना कहते हैं बनाया जाता है इसकी तैयारियां सुबह से ही महिला वर्ग करने लग जाती है जबकि पुरुष और बच्चे पतंग बाजी के लिए अपनी अलग तैयारियां शुरू कर देते हैं
घर घर मे मूंग मोठ गेंहू से इत्यादि खाद सामग्री तैयार करके खीचड़ा बनना हुआ शुरू और खीचड़े के साथ साथ इमली एव गुड़ का भी पानी पीने के लिए तैयार होगा मटकी की पूजा की जाएगी किसान आज हल जोतेगा इसी के साथ हल की पूजा करके बिरानी खेतो में अनाज के दाने बोए जायेगे एव इसी प्रकार अक्षय तृतीया पर शादियां भी खूब होती है ।इस दिन बाल विवाह भी बहुत होते है लेकिम जैसे जैसे बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिला है वैसे वैसे अक्षय तृतीया पर शादियां होना कम हुआ है बाल विवाह खूब पकड़े भी जाते है और सयोंग वश आज के दिन राजस्थान के शहर बीकाणा की स्थापना का दिन भी है।इसी के साथ एक महिला अपने घर मे खीचड़ा बनाने के लिए माम्म दस्ते के अंदर डालकर खीचड़े की सामग्री कूट कूट कर तैयार करते हुए














