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पत्रकारो को आज भी सही दिशा दिखाता है विरेंद्र जी सक्सेना का दैनिक युगपक्ष

पत्रकारों को विरेंद्र जी यह बात तो गांठ बांध लेनी ही चाहिए की पत्रकारिकता एक तपस्या से कम नही है। दिलीप गुप्ता

युवा पत्रकार सक्सेना जी के निर्भीक लेखन से प्रेरणा लें : व्यास

विरेंद्र जी ने हमेशा हर प्रेस विज्ञप्ति को महत्व दिया था बिना किसी लोभ लालच से आज भी वो ही बात कायम है दैनिक युगपक्ष में

गोरधन सोनी(बीकानेर लाइव)

बीकानेर। दैनिक युगपक्ष के संस्थापक सम्पादक स्व. विरेन्द्र जी सक्सेना की पुण्यतिथि पर जन किसान पंचायत ने दी भावभिनी श्रद्धांजलि अर्पित की। व्यास बगेची नत्थूसर बास में संरक्षक जयनारायण व्यास एड. की अध्यक्षता में सभा कर स्व. सक्सेना जीवन पर विस्तार से विचार रखते हुए कहा उन्होंने। अपने पत्र में, गरीबों, दलितों व हर वर्ग की आवाज उठाकर राहत दिलाने के प्रयास किए। व्यास ने कहा कि सक्सेना जी नेक, निर्भीक व सरल व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी ईमानदार पत्रकारिता व निर्भीक लेखनी की संभाग में बड़ी धाक थी।  युवा पत्रकारों के लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेकर कार्य करना उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

युगपक्ष आज भी उनके बताये मार्ग पर चलकर बिना भेदभाव सभी के समाचारों को अपनी कसौटी पर जांच कर जरुर बिना प्रलोभन, बिना भय स्थान देता है तथा उसका असर भी होता है, इस सक्सेना परिवार में हर क्षेत्र में जहां भी सेवा का मौका मिला लोगों का दिन जीतने के सफल प्रयास किये है, चाहे चिकित्सा क्षेत्र हो, चाहे साहित्य क्षेत्र चाहे पत्रकारिता क्षेत्र है।

आज की सभा में व्यास के अलावा, गोपाल वाल्मिकी, हनुमान जैन, ललित मोहन, राजेश घारु, मोहनलाल जैन, बद्री सुथार, जग गोपाल, पीयूस व्यास, डॉ. रविन्द्र कुमार, जगदीश, हनुमान सिंह, बद्री महाराज सुथार, भीख सिंह रायसर, उमेश कुमार, पूनम मेघवाल, आरिफ खान, श्याम साध, स. लखा सिंह, डालाराम, मेघाराम नायक, मिठूनाथ, सोदरा सांसी, कमली नायक, बद्री राजपुरोहित ने श्रद्धांजलि दी। 

प्रेरणादायी विभूति थे श्री सक्सेना

सार्थक मंच के संचालक श्री अशोक सिंह ने कहा दुनिया में लोग आते हैं, चलते जाते हैं। अपने जीवनकाल में कौन कितना जिया यह महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण तो यह है कि उसने अपने जीवन को कैसे जिया। ऐसे ही पत्रकारिता जगत के दैदीप्यमान नक्षत्र, आदरणीय स्व. श्री वीरेन्द्र कुमार जी सक्सेना है। उनका आशीर्वाद सदैव सब पर है। उनकी अनुकरणीय पुण्यतिथि पर सार्थक मंच प्रेरणादायी, महान विभूति आदरणीय स्व. श्री वीरेंद्र कुमार जी सक्सेना को भावविनी श्रद्धांजली अर्पित कर, उनकी स्मृतियों को संजोये रखेगा। 

स्व. सक्सेना मौन साधक एवं राजस्थानी के प्रबल समर्थक थे : रंगा
पत्रकारिता को समर्पित कीर्तिशेष वीरेन्द्र कुमार सक्सेना की 13वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को प्रात: नालन्दा पब्लिक सी.सै स्कूल परिसर स्थित सृजन सदन में उन्हें नमन करते हुए शब्दांजलि का आयोजन रखा गया। शब्दांजलि के प्रारंभ में स्व. सक्सेना के व्यक्तित्व कृतित्व पर संक्षिप्त जानकारी देते हुए राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि स्व. सक्सेना मौन साधक एवं राजस्थानी के प्रबल समर्थक थे, उन्हीें के सकारात्मक सोच के कारण प्रदेश भर में नई पहल एवं नवाचार के तहत युगपक्ष द्वारा प्रतिसप्ताह मंगलवार को राजस्थानी से संबंधित साहित्यक सामग्री प्रकाशित की जा रही है।
करूणा क्लब के हरिनारायण आचार्य ने कहा कि स्व. सक्सेना पत्रकारिता करते नहीं थे, असल में उसे जीते थे। प्रज्ञालय के युवा शिक्षाविद् राजेश रंगा ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे सच्चे अर्थो में पत्रकारिता के उच्च मानदंडों का निवर्हन करने वाले महान् व्यक्तित्व थे। अपनी शब्द भावना अर्पित करते हुए भवानीसिंह, अशोक शर्मा, आशीष रंगा, सुनील व्यास ने उन्हें सकारात्मक पत्रकारिता का पुरोधा बताया। अंत में दो मिनट का मौन रखकर श्रृद्धा अर्पित की गई।
यशस्वी पत्रकार थे स्व. वीरेंद्र जी
मल्टी स्किल डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से दैनिक युगपक्ष समाचार पत्र के संस्थापक स्व. श्री वीरेंद्र जी सक्सेना की तेरहवीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। एसोसिएशन के डायरेक्टर एवं पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्व. वीरेंद्र जी केवल एक पत्रकार ही नहीं थे, अपितु वे एक उच्च कोटि के साहित्यकार भी थे। स्व. वीरेंद्र जी के कार्यों से युवा पीढ़ी को एक नई ऊर्जा एवं प्रेरणा मिलती है। प्रो. डॉ. बिनानी ने श्रृद्धांजलि संदेश में आगे कहा कि स्व. वीरेंद्र जी एक प्रखर विचारक एवं प्रख्यात पत्रकार थे। स्व. वीरेंद्र जी के आदर्श जीवन के सभी गुण आज भी सभी के लिए अनुकरणीय है।
स्व.सक्सेना जी को सादर श्रद्धासुमन
शिक्षाविद्, विचारक-चिंतक एवं लेखक मोहनलाल जांगिड़ ने पत्रकारिता के क्षेत्र में युगपुरुष और बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय श्री वीरेंद्र कुमार सक्सेना जी की पावन स्मृति दिवस पर हृदयतल से श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि युगपक्ष समाचार पत्र को एक समाचार पत्र के रूप में ही नहीं बल्कि सुदृढ़ सामाजिक उत्प्रेरक के आयाम में ढ़ालकर नयी दिशा दी। यह अद्वितीय और अनुकरणीय है। साहित्य के क्षेत्र में युगपक्ष ने अपना एक नया आयाम स्थापित किया है।
इसी प्रकार पहलवान, ब्लॉगर महावीर कुमार सहदेव ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि वीरेंद्र जी जैसे शख्स आज के समय में देखने को नहीं मिलते उनकी बहुत सी खूबियां थीं वे गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति की सेवा करना हमेशा उचित समझते थे। समय की पाबंदी को वे सदैव सर्वाधिक महत्व प्रदान करते थे। हमें उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए।

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Gordhan Soni

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