

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फरीदाबाद में ‘अमृता हॉस्पिटल’ (Amrita Hospital) का उद्घाटन किया जिसे देश का सबसे बड़ा प्राइवेट हॉस्पिटल माना जा रहा है. इस हॉस्पिटल में 2600 बेड होंगे और 500 ICU बेड होंगे. इसके अलावा 81 स्पेशेलिटीज़ और 8 सेंटर ऑफ एक्सिलेंस होंगे. इसमें 64 फुल नेटवर्क वाले मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 534 क्रिटिकल केयर बेड होंगे. इसके 8 एक्सिलेंस सेंटर्स में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, कार्डियक साइंस, न्यूरोसाइंस, गैस्ट्रो साइसं, गुर्दा विज्ञान, हड्डी रोग और ट्रॉमा, प्रत्यारोपण, और मदर एंड चाइल्ड केयर शामिल होंगे.
अस्पताल का निर्माण माता अमृतानंदमयी मठ के अंतर्गत 130 एकड़ के कैंपस में किया गया है. अस्पताल का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी और आधुनिकीकरण के संयोजन से ही हेल्थ सेक्टर में देश की प्रगति होगी. भारत एक ऐसा देश है जहां स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता का गहरा संबंध है.
इस मौके पर हरियाणा के सीएम खट्टर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह भारत का सबसे बड़ा अस्पताल है. पहले हरियाणा में केवल 7 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन अब 13 कॉलेज हैं और 9 पाइपलाइन में हैं. इसके बाद, प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज होगा.’
अस्पताल अमृता मठ के सहयोग से बना है. सरकार से कोई मदद नहीं ली गई है. लेकिन जो मरीज इलाज की कीमत देने में सक्षम नहीं होंगे, उन्हें मुफ्त या कम शुल्क पर इलाज मिलेगा. लेकिन यह निर्णय अस्पताल प्रशासन मरीज की गहन जांच-पड़ताल के बाद करेगा. अमृता अस्पताल मौजूदा सभी कॉर्पोरेट अस्पतालों से सस्ता होगा. यहां अनावश्यक टेस्ट नहीं कराए जाएंगे. मरीजों को जेनेरिक दवाएं दी जाएंगी.
माता अमृतानंदमई देवी ने कहा कि अस्पताल परिसर कुल 133 एकड़ जमीन पर बनाया गया है. इसमें निर्मित क्षेत्र 1 करोड़ वर्ग फुट है. अस्पताल में 81 किस्म के स्पेशियलिटी डिपार्टमेंट्स हैं. 64 ऑपरेशन थियेयर हैं. इसमें रोबोटिक सर्जरी, शल्य क्रिया में थ्रीडी प्रिटिंग तकनीक का इस्तेमाल, भौतिक एवं पुनर्वास चिकित्सा से लेकर न्यूक्लियर मेडिसिन जैसे अत्याधुनिक विभाग भी हैं.
अस्पताल में मेडिकल, नर्सिंग समेत पैरामेडिकल सेवाओं के कुल 28 कोर्स का संचालन किया जाएगा. अस्पताल में स्टाफ और छात्रों समेत करीब 10 आवासों का निर्माण जारी है. अस्पताल में सीधे वायुयान से मरीजों को पहुंचाने की सुविधा है. अस्पताल की छत पर हैलीपैड बनाया जा चुका है. अस्पताल प्रबंधन ने डीजीसीए से लैंडिंग की अनुमति के लिए भी आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि मठ अस्पताल को मुनाफे के लिए नहीं बल्कि सेवा के लिए चलाता है. यदि कोई आय होती है तो उसे अस्पताल में ही सेवाओं के विस्तार पर लगा दिया जाता है.
संकलन मीडिया सूत्रों से…..
















