
। श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर तोलाराम मारू
पांच दिवसीय भक्तमाल कथा का महाराज श्री भरत शरणजी महाराज ने बताया कि भक्ति शास्त्र संगत होनी चाहिए। भक्ति का सही स्वरूप समझने के लिए भक्तमाल की जानकारी हो। कैसे ठाकुर जी भक्तों की सहायता करने के लिए धन्ना जाट के यहां खेती करने तिलोक चंद जी के यहां 13 महीने रहे । इसी प्रकार से महाराष्ट्र में सपू बाई के लिए भगवान स्वयं सपू बाई बन कर रहे। बिना भक्ति भक्तमाल अधूरी है भगवान के बताए मार्ग पर चलने से मानव का कल्याण हो सकता है। इस धर्म नगरी पूरी में जगन्नाथ जी के दरबार में भरत शरण जी महाराज की यह भक्तमाल की कथा दिनांक 23 अगस्त से 27 अगस्त तक 5 दिवस तक चलेगी।
जिसको सुनने के लिए श्री डूंगरगढ़ उपखंड के अलावा राजस्थान के विभिन्न जिलों के लोग भी आए। दिल्ली बसंत मूंधड़ा कानपुर से गोविंद गुप्ता चन्द्र प्रकाश के अलावा और भी भक्तगण भक्तमाल सुनकर आनंद लिया महाराज श्री ने उपस्थित भक्तों को कहा कि आपका सौभाग्य है कि आज जगन्नाथपुरी में आप को यह भगत माल सुनने का अवसर प्राप्त हुआ है ।
इस अवसर पर हरिराम भादू रामगोपाल सुथार आसकरण बाहेती राधेश्याम मारु गोपाल राम शंकर लाल भुआल परमेश्वर लाल आसाराम फूसाराम पूनमचंद हरिराम आदि अन्य भक्तों को सम्मानित किया गया।
















