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नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल:PM मोदी बोले- देश का सबसे बड़ा दुश्मन राजनीतिक वंशवाद, इसे जड़ से उखाड़ना है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती का यह दिन हम सभी को प्रेरणा देता है। यह इस बार इसलिए भी विशेष हो गया है क्योंकि इस बार की युवा संसद, संसद के सेंट्रल हॉल में हो रही है। इस हॉल में हमारी आजादी के निर्णय लिए गए।

उन्होंने सरकार की नीतियों में युवाओं को तवज्जो का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि देश में लागू की गई नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का फोकस बेहतर इंडीविजुअल के निर्माण पर है। यह पॉलिसी युवाओं के कौशल, समझ और फैसले को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने इस मौके पर वंशवाद की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा दुश्मन राजनीतिक वंशवाद है। इसे जड़ से उखाड़ना है। अब सरनेम के सहारे चुनाव लड़ने वालों के दिन लद गए हैं।

‘युवाओं के भाषण ट्वीट करूंगा’

उन्होंने कहा कि मन में कल्पना कीजिए, जिस जगह पर देश के वे महापुरुष बैठे थे, उस जगह आप बैठे हैं। देश से आपको कितनी अपेक्षाएं हैं। मैं समझता हूं कि आज यहां बैठे युवा साथियों को यह अहसास हो रहा होगा। यहां जब मैं आपको सुन रहा था, तब विचार आया कि आपके भाषण अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करूंगा, ताकि देश को पता चले कि संसद के इस परिसर में हमारा भावी भारत कैसे आकार ले रहा है। मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात होगी।

मोदी ने कहा कि आप देखते होंगे कि भारत का शायद ही ऐसा कोई गांव हो, शहर हो, व्यक्ति हो जो खुद को स्वामी विवेकानंद से जुड़ा महसूस न करता हूं। स्वामी जी ने देश को उसके सामर्थ्य को राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि जो आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे, वे कहीं न कहीं स्वामी जी से प्रेरित थे। उनकी गिरफ्तारी के समय स्वामी जी का साहित्य उनके पास जरूर मिलता था।

‘विवेकानंद का चिंतन हमारी भावनाओं में’

PM ने कहा कि समय गुजरता गया, देश आजाद हो गया, लेकिन हम आज भी देखते हैं कि स्वामी जी हमारे बीच ही होते हैं। हर पल प्रेरणा देते हैं। उनका चिंतन हमारी भावना में नजर आता है। राष्ट्र को लेकर उन्होंने जो कहा, जन सेवा से जग सेवा का भाव हमारे मन मंदिर में हैं।

मेरा विश्वास है कि आप युवा साथी भी कहीं विवेकानंद की तस्वीर देखते होंगे, तो आपका मन श्रद्धा के भाव से झुकता होगा। स्वामी ने एक और उपहार दिया है। व्यक्तियों के निर्माण का, संस्थाओं के निर्माण का। हम अध्ययन करेंगे तो पाएंगे कि स्वामी विवेकानंद ने ऐसी संस्थाओं को आगे बढ़ाया जो व्यक्तियों के निर्माण आज भी कर रही हैं।

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Gordhan Soni

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