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शत्रुंज्य भाव में मंत्र जाप व जयकारे
मासखमण तपस्वियों की शोभायात्रा कल
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शत्रुंज्य भाव में मंत्र जाप व जयकारे
मासखमण तपस्वियों की शोभायात्रा आज
बीकानेर,8सितम्बर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की साध्वीश्री मृृृगावतीजी, साध्वीश्री सुरप्रिया व साध्वीश्री नित्योदया के सान्निध्य गुरुवार को रांगड़ी चैक के सुगनजी महाराज के उपासरे में साध्वीवृृंद श्रावक-श्राविकाओं को मंत्रों के जाप, जयकारों व स्तुतियों व भक्तिगीतों से शत्रुंज्य भाव, भक्ति यात्रा करवाई। ंसाध्वीश्री मृृगावतीश्रीजी सुरप्रियाश्रीजी की सुरीली व प्रभावी आवाज, तीर्थयात्रा का भक्ति भाव से चित्रण से श्रावक-श्राविकाओं के लगा मानों वास्तविक रूप् से शत्रुंज्य तीर्थ पर है।
साध्वीवृृंद ने भगवानश्री विमल विमलनाथजी की भी आराधना तथा विश्व, भारत राष्ट्र, प्रदेश, घर परिवार व कुटुम्ब के संकट, विघ्नों को दूर करने व सभी की मनोकामना पूर्ण करने, सकलश्रीसंघ एकता व स्नेह की प्रार्थना करवाई। ’’कृृपा करो, कृृपा करो कृृपा करो रे, विमलनाथ दादा मने कृृपा करो रे’’ ’’ विमल जिन जुहारो, पाप संताप वारो’ स्तुति व भक्ति गीतों के साथ नवंकार महामंत्र व परमात्मा विमलनाथजी के मंत्र का जाप करवाया।
करीब सवा घंटें धारा प्रवाह चली श्री शत्रुंज्य महातीर्थ की भाव यात्रा ’’ में साध्वीश्री सुरप्रिया ने कहा कि जिम जिम ए गिरि भेटिए रे, तिन-तिन पाप पलाय सलुणा’’ यानि ऐसे गिरिराज की हम सांसारिक मजबूरी से बार-बार यात्रा नहीं कर सकते है, ज्ञानी पुरुषों ने घर बैठे तीर्थ यात्रा का फल लेने का सुगम, संक्षिप्त मार्ग बताया है। जो व्यक्ति इस तीर्थ की भावयात्रा करता है, उसे तीर्थयात्रा व दो उपवास का फल मिलता है। भाव यात्रा के दौरान परमात्मा के जिनालय का वर्णन करने पर ’’नमो जिणामं’’ व ’’ मोक्षगामी महापुरुषों पगलिए व स्मारक स्थल पर ’’नमो सिद्धाणं’’, भगवान आदिनाथ सहित विभिन्न तीर्थंकरों के जयकारे, नवंकार महामंत्र, आदिनाथ, भगवान पाश्र्वनाथ, भगवान विमल नाथ के मंत्रों का भी जाप करवाया गया।
मासखमण तपस्वियों की शोभायात्रा आज
श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के मंत्री रतन लाल नाहटा व चातुर्मास समिति संयोजक निर्मल पारख ने बताया कि श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ श्रीसंघ, श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के तत्वावधान में 31 दिन की तपस्या करने वाले कन्हैयालाल भुगड़ी, चिराग सुराणा की शोभायात्रा शुक्रवार को सुबह आठ बजे उपासरे से रवाना होकर नाहटा चैक के आदिश्वरजी मंदिर, भुजिया बाजार के चिंतामणिजी मंदिर सहित विभिन्न जिनालयों, जैन बाहुल्य मोहल्लों से होते हुए वापस सुगनजी महाराज के उपासरे पहुंचेंगी, जहां दोनों तपस्वियों का अभिनंदन किया जाएगा।
उदयरामसर में भक्ति संगीत संध्या आज मेला कल,
उदयरामसर में शुक्रवार को गुरु युवा जागृृति परिषद की ओर से श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के सान्निध्य में भक्ति संगीत संध्या ’’एक शाम दादा जिन दत्त सूरि’ आयोजित की जाएगी। शनिवार को दादाबाड़ी में समग्र जैन समाज का मेला लगेगा तथा दादा गुरुदेव की पूजा व प्रसाद का आयोजन होगा। श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारिवाल ने बताया कि साध्वीश्री मृृगावतीश्री, नित्योदयाश्री व सुरप्रियाश्री शुक्रवार दोपहर सवा दो बजे सुगनजी महाराज के उपासरे से विहार कर उदयरामसर पहुंचेगी।

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Gordhan Soni

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