






शाश्वत ओली में तप पद की और
दादा गुरुदेव की भक्ति संगीत के साथ पूजा
बीकानेर, 9 अक्टूबर। साध्वीश्री मृगावती, सुरप्रिया व नित्योदया के सान्निध्य में शनिवार को रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में शाश्वत नवपद ओली के अंतिम दिन रविवार को तप पद की तथा दादा गुरुदेव की भक्ति संगीत के साथ पूजा की गई। रविवार को छतीसगढ़ रत्न शिरोमणि, महतरा पद से अलंकृत साध्वी मनोहरश्रीजी म.सा. की 17 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रमों समापन हुआ।
शरद पूर्णिमा पर साध्वीवृंद की प्रेरणा से विद्यार्थियों व श्रावक-श्राविकाओं ने शरद पूर्णिमा को शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक व आर्थिक उन्नति के लिए देवी सरस्वती का मंत्र ’’(ऊं ऐं नमः), ऊं ह्ीं सरस्वतै नमः’’, ऊं ह््ी नमो नागणस्य’, ऊं ह््ी नमो अरिहंताणं, ऊं ह्ीं अर्ह श्री चन्द्रप्रभ स्वामी नमःः सहित का जाप किया तथा आयम्बिल, उपवास आदि तपस्याएं की। रायपुर के वरिष्ठ श्रावक महावीर चंद बुरड़, नागपुर के फूलचंद कोठारी नागपुर का सम्मान सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के मंत्री रतन लाल नाहटा व कंवर लाल पारख ने किया
पूजा में विचक्षण महिला मंडल, कुशल दुगड़, राजेन्द्र नाहटा आदि ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए वहीं पूजा का विधान में भागीदारी सुश्रावक हरिसिंह, सुश्रावका विमला देवी पारख परिवार के पदम सिंह, जयसिंह, वीर सिंह, चन्द्र सिंह,रंजीत, मोनिका, सुमन, प्रभा देवी पारख आदि ने किया।















