







जोधपुर महानगर में गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति के रजत जयंती राष्टीय संकल्प अधिवेशन महोत्सव सम्पन्न हुआ ।
कार्यक्रम जोधपुर एम्स हॉस्पिटल के सामने श्री महेश्वरी धर्मशाला,माली सैनी समाज धर्मसाला में हुआ।
तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के समिति के सदस्यों ने भाग लिया। अधिवेशन उपलक्ष में आयोजित तीन दिवसीय शिविर के दूसरे दिन कन्या भ्रूण हत्या एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर रैली निकाल कर लोगों को जागृत करने की ओर उनमें यह कुर पाप नहीं करने की शपथ दिलाई । रैली के माध्यम से खुशियों के फूल खिलाती बेटी घर आंगन महकाती बेटी जैसे नारों से लोगों को बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच रखने का संदेश दिया। रैली को जोधपुर उपखंड जिलाधिकारी अपूर्वा परवाल, संत आनंद ब्रह्मचारी(ऋषिकेश) योगी रमननाथ ने हरि झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली के बाद समिति के 25 साल की उपलब्धता और जो कार्य किए गए थे उसकी प्रदर्शनी दिखाई गई जिसमें अब तक कार्य किए हुए और जो भी सम्मेलन हुए उनकी फोटोग्राफी वीडियोग्राफी शामिल थी मुखचिख फिल्म दिखायी गई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवारी ने कहा कि आधुनिक काल में लड़कियों को गर्भ में मारने की कुप्रथा का अंत हो और जो अभी सुप्रीम कोर्ट का घातक फैसला आया है भ्रूण हत्या को लेकर उसके खिलाफ हम आमरण अनशन करेंगे हमने सुप्रीम कोर्ट को पत्र भेजा है अगर उनके पत्र का संतुष्टपूर्वक जवाब नहीं आया तो सुप्रीम कोर्ट के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे।
यह भारत में कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा कि कोख में हीं नन्हे शिशु की मर्डर की स्वीकृति देे दे।
जोधपुर इकाई अध्यक्ष कमल चांडक ने कहा भ्रूण हत्या महापाप है संत रामसुखदास जी महाराज ने कन्या भ्रूण हत्या और गर्भस्थ शिशु की रक्षा हेतु यह अलख जगाई थी जिसे हमें जगाई रखनी है और इस पाप को कोई ना करें यह संकल्प दिलाना है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री श्यामसुंदर मंत्री ने सभी को संकल्प दिलाया। कार्यक्रम
चिंतनशिवर में सभी जगह से पधारे हुए समिति के सदस्यों ने अपने अपने विचार रखें।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ रमा अरोड़ा समाजशास्त्र के सेवानिवृत्त प्रोफेसर,समाजशास्त्र में पीएचडी गोल्ड मेडलिस्ट, डॉ अर्पिता कक्कड़
सहेयक प्रोफेसर
मनोविज्ञान विभाग
जेएनवीयू रही।
वशिष्ठ अथिति सुरेश कुमार राठी (सीए) रहे।
कार्यक्रम का संचालन रामानंद काबरा ने किया।















