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चूरू जिले के पुरस्कृत शिक्षकों के जिला स्तरीय सम्मेलन एवं दीपोत्सव स्नेह मिलन समारोह
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सरदारशहर। वर्तमान वैश्विक युग में युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति के मूल्यों को भूल रही है। नवयुवक अपने दादा-दादी के पास बैठना नहीं चाहते। वे आने परिजनों एवं घर आए अतिथियों से बात करने में रुचि नहीं लेते। नैतिकता नैतिकता का और अधिक क्षरण न हो इसलिए बाल्यकाल से ही शिक्षा के साथ उन्हें संस्कारवान बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यह हम सबका दायित्व है। शिक्षक समाज को दिशा देता है। अतः उसकी जिम्मेदारी अधिक बन जाती है। ये विचार भामाशाह बृजमोहन सर्राफ ने कस्बे के राजकीय अंजुमन विद्यालय में आयोजित चूरू जिले के पुरस्कृत शिक्षकों के जिला स्तरीय सम्मेलन एवं दीपोत्सव स्नेह मिलन समारोह में रखे। सुजानगढ़ के सीबीईओ कुलदीप व्यास द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से शुरू कार्यक्रम में प्राचार्य याकूब खां ने शाब्दिक स्वागत किया तथा अंजुमन स्कूल के संस्थापक एवं सम्मेलन के संयोजक उमरदीन सैयद ने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक सरदारशहर में सरस्वती पुत्रों का मिलन गर्व एवं सौभाग्य की बात है। उन्होंने अंजुमन स्कूल की संस्थापना एवं उसके विकास में अवदान देने वाले जनप्रतिनिधियों, भामाशाहों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों की मुक्तकण्ठ से प्रशंसा की एवं आभार जताया। शिक्षाविद् एवं फोरम के जिला मंत्री ओमप्रकाश तंवर से पुरस्कृत शिक्षकों द्वारा जिले में शिक्षा, साक्षरता, बन्दी सुधार, पर्यावरण, शोध आदि क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। पूर्व उपनिदेशक डॉ ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने कहा कि बच्चे के भविष्य-निर्माण में शिक्षकों के व्यवहार एवं विद्यालय के भौतिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का अत्यधिक योगदान होता है। जिला साक्षरता अधिकारी ओमप्रकाश फगेड़िया ने कहा कि जिले के पुरस्कृत शिक्षकों द्वारा किए जा रहे कार्य राज्यभर में ‘चूरू मॉडल’ के रूप में पहचान बन रहे हैं। सीआरपीएफ सेवानिवृत्त मनफूल खान ने कहा कि शिक्षकों की सेवाओं मानव जाति उपकृत है। उन्होंने पूर्वोत्तर सीमांत क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ शिक्षकों ने समाज एवं लोगों की तस्वीर ही बदल दी। पुरस्कृत शिक्षक फोरम के जिलाध्यक्ष सूर्यप्रकाश त्रिवेदी ने कहा कि पुरस्कृत शिक्षक पूर्ण जिम्मेदारी से सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहकर समाज में अनवरत सेवाएं दे रहे हैं। उनकी कोई मांग नहीं अपितु समाजोत्थान के किए उत्तम शिक्षा के लिए वातावरण सर्जन के कार्य-प्रयास करना मुख्य ध्येय है। समारोह में डाइट प्राचार्य गोविंद सिंह राठौड़, सीबीईओ सरदारशहर अशोक पारीक, सीबीईओ राजगढ़ डॉ. सुमन जाखड़, एसीबीईओ डॉ. अशोक गौड़, अंजुमन स्कूल के पूर्व संस्था प्रधान मोहनलाल सेवदा, डॉ. विश्वलाल पारीक, मोहनलाल धौलपुरिया, सीताराम सोनी, बजरंगलाल शर्मा, पुरस्कृत शिक्षक चैनरूप दायमा, अम्बिका प्रसाद शर्मा, गौरीशंकर वशिष्ठ, डॉ. राधाकिशन सोनी, अनिता चौधरी, जसवंतसिंह पूनिया, सीताराम जांगिड़, अरुण पूनिया, उषा किरण वर्मा, माखनलाल शर्मा, लक्ष्मणराम नैण तथा शिक्षाविद् डॉ. श्याम सुन्दर कौशिक, डॉ. बालकृष्ण कौशिक, डॉ. सत्यनारायण स्वामी एवं जिले के अन्य पुरस्कृत तथा अंजुमन स्कूल के प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर संयोजक द्वारा सभी का सम्मान किया गया। संचालन प्राचार्य इन्द्रराम राव ने किया।

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Gordhan Soni

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