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एमजीएसयू के विद्यार्थी दल का ऐतिहासिक अजंता एलोरा दौरा
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एमजीएसयू के छात्र दल का हुआ अजंता एलोरा शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम
अजंता एलोरा की गुफाओं में बैठकर विद्यार्थियों ने तैयार किए स्केच

अजंता एलोरा गुफा चित्र स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम में निहित व्यवहारिक कक्षाओं हेतु अहम : प्रो. विनोद कुमार सिंह

भारतीय परंपरागत चित्रकला का आधारभूत स्तंभ है अजंता : डॉ. मेघना शर्मा

ड्राइंग एंड पेंटिंग के व्यवहारिक ज्ञान हेतु ऐसे शैक्षणिक टूर महत्वपूर्ण : प्रो. राजाराम चोयल

बीकानेर ।एमजीएसयू के ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग के विद्यार्थी दल ने अजंता एलोरा गुफा चित्रों का शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम संपन्न किया। टूर प्रभारी इतिहास विभाग की डॉ. मेघना शर्मा के अनुसार महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में जलगांव के निकट बागोरा नदी के तट पर सतपुड़ा पर्वत श्रंखला में स्थित अजंता भारतीय परंपरागत चित्रकला का आधारभूत स्तंभ है। ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग के विद्यार्थियों ने प्रत्यक्ष लोकेशन से गुफाओं में स्थित मूर्ति शिल्प व चित्र शैली का चित्रांकन किया जिसकी एक प्रैक्टिकल सर्वे रिपोर्ट प्रायोगिक कार्य के तहत विद्यार्थियों द्वारा तैयार की जाएगी।
अजंता भ्रमण दल में शामिल विभागीय समन्वयक डॉ. राकेश किराडू ने बताया कि अजंता की गुफाओं में भगवान बुद्ध की जातक कथाओं के अतिरिक्त जीवन से संबंधित घटनाओं के अनेकानेक अलंकरण की भरमार है जिसमें छ: दंत जातक, शिवि जातक, महाकवि जातक, मृत जातक आदि प्रमुख हैं।
एलोरा भ्रमण के विभागीय प्रभारी डॉ. मदन राजोरिया के अनुसार एलोरा की जग विख्यात कला त्रिवेणी में गुफा संख्या 1 से 12 तक बौद्ध धर्म 13 से 29 तक ब्राह्मण धर्म, 32 से 34 तक जैन धर्म की मूर्ति संसार के अलावा विश्व धरोहर कैलाश मंदिर का विद्यार्थियों ने बारीकी से अवलोकन किया।
टूर समन्वयक डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि इसके अलावा यह यात्रा देशनोक की करणी माता मंदिर से आरंभ होकर नाथद्वारा के श्रीनाथजी के दर्शन पश्चात बीकानेर पर समाप्त हुई।
उल्लेखनीय है कि इस सात दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण यात्रा को कुलपति सिंह छात्रसंघ अध्यक्ष लोकेंद्र प्रताप सिंह ने हरी झंडी दिखाकर पिछले हफ्ते रवाना किया था।
छात्रसंघ अध्यक्ष द्वारा अपनी टीम के साथ भ्रमण दल का बीकानेर लौटने पर भव्य स्वागत किया गया व आगे भी इसी प्रकार दूरस्थ स्थित शैक्षणिक महत्व के स्थलों से विद्यार्थी वर्ग को निरंतर रूबरू करवाए जाने की बात कही।
भ्रमण दल में प्रथम द्वितीय व चतुर्थ सत्र से राम कुमार भादाणी, मंजू जांगिड़, लक्ष्मी, निहारिका, सरोज आमेरिया, मनमोहन बिस्सा, योगेश रंगा, राजकुमार, प्रद्युम्न, पूनम पूनिया, रणधीर, राजकुमार व सोहनलाल शामिल रहे।

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