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बीकानेर में बनेगा भव्य राम मंदिर और गुरुकुल


राम मंदिर गुरुकुल निर्माण के सचिव विकास मारु ने बताया की आज आप सब को बताते हुवे बहुत ही ख़ुशी हो रही है कि राजस्थान का सबसे बड़ा भव्य राम मदिर छोटी काशी बीकानेर की पावन धरा पर बनने जा रहा है।
मंदिर के अंदर ग्रंथों का वाख्यान निरंतर जारी रहेगा मंदिर में 50 ft की भगवान श्रीराम राम व भगवान हनुमान जी की बहु प्रतिशीत प्रतिमा का निर्माण होगा साथ ही मंदिर निर्माण में आयोध्या से मिटी लाइ जाएगी

ट्रस्ट के संस्थापक राजेंद्र गहलोत ने कहा गुरुकुल के इतिहास के बारे में आप को बताना चाहता हु मतलब की भारतीय शिक्षा पद्धति और इसको जनाने के लिए में है आपको कुछ वर्षों पिछे ले चलता हुँ बात करते है सन 1855 में भारत वर्ष में 7,32,000 गुरुकुल थे, उस वक्त 7,50,000 गाँव हुआ करते थें प्रति गाँव पर एक गुरुकुल होता था। जिसमें 18 विषयों पर पढ़ाया जाता था जिसके अन्दर प्रमुख विषय आधात्मिक ज्ञान, वैदीक शास्त्र, वैदिक गणित प्रमुख थे , जो आज के education system में High level के रूप में देखा जाता है सन 1857 में गुरुकुल के लिए दुर्भाग्य पूण रहा 1857 में भारतवर्ष में लगभग अंग्रजो कि हुकुमत हो चुकी थी जिससे उनके सामने सबसे बड़ी दिकत भारतीयों को गुलाम बनाना था इसके लिए भारतीय शिक्षा पद्धति को खत्म करना जरूरी था जिसका जिमा अंग्रेजी अफसर लॉड मेकालए को दिया गया था, लॉड ने ड्राफ्टिंग करने से पहले पुरे भारत वर्ष में शिक्षा का सर्व करवाया तो पाया उत्तर भारत में लगभग 97% शिक्षा का स्तर व दक्षिण भारत में 99% शिक्षा का स्तर पाया गया, लॉड ने 1858 में इंग्लिश मीडियम डॉफ्टींग की व गुरुकुलों को अवैध करार दिया, और गुरुकुलों को मिलने वाला सहयोग को बंद कर दिया गया

साथ ही सारे गुरुकुलों को तोड़ दिया और कुछ को जला दिया गया, और शिक्षकों को जेल में डाला गया और कुछ को मार दिया गया। फिर कोलकाता में पहली इग्लिया यूनिवर्सिटी खोला गया।और लॉड ने एक चिट्टी लिखी जो आज भी बहुत चर्चित है उसने लिखा यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले बच्चे शक्ल से भारतीय है पर दिमाग से अंग्रेज बन गये हैं जिनको ना अपनी संस्कृति के बारे में पता है ना हि देश के बारे पता है

गुरुकुल को लेकर जो हमारा उद्देश्य है गुरुकुल को पुन: स्थापित करना व भारतीय शिक्षा पद्धति को लाना व हिन्दु संस्कृति को आने वाली पीढ़ी के दिलो और दिमाग में स्थापित करना

ट्रस्ट के संस्थापक हेमन्त कातेला कहा
हम ऐसा शिक्षा मोडल ला रहे है जिसमे आर्थिक स्थित के आधार पर शिक्षा में आरक्षण दिया जाएगा ना कि जाति के आधार पर
हमारे मोडल मे ‘संस्कृत, हिन्दी, इंग्लिश होंगी।
परन्तु संस्कृत भाषा पर अधिक ध्यान दिया जायेगा
हमारी स्कूल में हर वर्ग के बच्चे पढ़ सकेंगे

और साथ ही हम एक बहुत बड़ी घोषणा करने जा रहे जिसमे अगर आपके परिवार की आर्थिक स्थति कमजोर है। लेकिन आपको बच्चा प्रतिभा वहन है तो उसका गुरुकूल द्वारा शिक्षा में होने वाला सम्पूर्ण खर्च जैसे पढ़िई खाना, रहना इतियादी पूर्ण निःशुल्क रहेगा जो की आज तक के इतिहास में किसी भी स्कूल ने नहीं किया वो हम करेंगे हम शिक्षा क्रंति लाएंगे हमारी स्कूल से पढ़ा हुवा बच्चा दुनिया के किसी कोने में नहीं अटकेगा

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Gordhan Soni

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