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धोखाधड़ी करके घर से बाहर निकाला न्याय के लिएं दर-दर भटकने पर मजबूर बुजुर्ग दंपत्ति


इस तेज सर्दी में बीमार केंसर पीड़ित बुजुर्ग दंपति दर दर भटकने पर मजबूर हैं क्योंकि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ हे धोखा देने वाले में मुख्य उनका खुद का दोहिता भी सामिल हे।
लक्ष्मीनारायण सोनी ने बताया की उनके दोहिते (नीलकंठ)व पाड़ोसी ने धोखे घर नाम करा लिया । उनको घर से बाहर निकाल के घर पर ताला लगा दिया ।जब पुलिस में मामला गया तो पता लगा की धोखे से घर नाम से हस्ताक्षर करा लिया ।
अब वो मुकदमा दर्ज कराने के लिएं भटक रहे हे पर मुकदमा दर्ज नही हो रहा हे।
पीड़ित ने बताया की कोरोना के समय में अस्पताल भर्ती था तो उस समय में मुझ से धोखे से 60000 हजार रु दवाई भर्ती के नाम से ले लिए थे।

गंगाशहर बीकानेर के स्थाई निवासीगण है और 50 वर्षो से भी ज्यादा समय से निवास करते आ रहे है व मकान प्रार्थीगणों का ही है। दिनांक 07.11.2022 को मौहल्ले के ही अशोक पुत्र सम्पतराम व मनोज पुत्र सम्पतराम जाति नाई व विनोद भाटी और नीलकंठ सोनी प्रार्थीगण के घर आये और आते ही प्रार्थीगणों के साथ मारपीट करने लगे व प्रार्थी व उसकी पत्नी को ने लातघुस्सों से, बेल्ट से मारपीट करने लगे और फिर घर से बाहर निकाल दिया और प्रा के मकान में ताले लगा दिए और प्रार्थीगणों के पास रहने के लिए कोई मकान भी नहीं है और सर्दी के मौसम में प्रार्थीगण इधर-उधर मटक रहे है व बुजुर्ग है व वरिष्ठ नागरिक है। प्रार्थीगणों ने दिनांक 07.11.2022 की रात्रि को दस बजे प्रार्थना पत्र भी पेश किया है। जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई है और प्रार्थीगण इधर-उधर भटकने को मजबूर है। प्रार्थीगणों के गहने, कपड़े, लत्ते, यूनियन बैंक की चेकबुक व 112/22+ पासबुक व एक ब्लेक चेक पर हस्ताक्षर भी कर रखे है एटीएम व गर्म कपड़े वगैरहा सभी जरूरियात के समान उसी मकान के अंदर है प्रार्थी व प्रार्थी की पत्नी की उम्र लगभग 75 वर्ष के आसपास है व वरिष्ठ नागरिक व वृद्धजन जो बुजर्ग दपंति है। ऐसी सूरत में प्रार्थीगण कहां आये जाये । प्रार्थीगण थाना गंगाशहर गए तो प्रार्थीगणों को कहा कि आपका काम यहाँ नही होगा आप लोग कोर्ट में जाओं । ऐसी सूरत में प्रार्थीगण सर्दी में ठंड में मर जाने को मजबूर है। क्योंकि प्रार्थीगण के सर्दी के गर्म कपड़े उसी घर के अंदर है। प्रार्थी को कैंसर की बीमारी भी है और उसका ईलाज भी चल रहा है। ऐसी सूरत में अभियुक्तगणों ने प्रार्थी की पत्नी को कुछ आर्थिक सहायता का झूठा झांसा देकर उसके व प्रार्थी के कुछ कागजातों पर व स्टाम्प पर भी हस्ताक्षर करवा लिए। जिससे हो सकता है कि मुल्जिमान कुछ भी कर सकते है। मकान किसी अन्य को भी बेच सकते है। प्रार्थीगण के पास इस मकान के •अलावा और कुछ भी नही है और इसी मकान में प्रार्थीगणों की पूरी पूंजी लगी हुई है। कपड़े-लत्ते, जेवहरात, गहने व रूपये पैसे व घर की लिखापढ़ी के कागजात भी मकान के अंदर ही है। अभियुक्तगण प्रार्थीगणों की बीमारी व बुढ़ापे को देखकर मकान को हड़प करने की नियत रखते है। अभियुक्तगणों ने फर्जी, कूटरचित, कागजात तैयार कर लिए है जिसका भी मुकदमा प्रार्थीगणों ने थाना गंगाशहर में मुकदमा दर्ज करवाया था, जो कि
अभी कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसी सूरत में प्रार्थीगण कहाँ जाये व कहाँ रहे, व क्या खाएं-पीए सभी कुछ सोचनीय है।

प्रार्थीगणों के पास गर्म कपड़े भी नहीं है जो है वो भी उसी मकान में है व मकान पर अभियुक्तगणों ने ताला लगा रखा है। अभियुक्तगण, प्रार्थीगणों को मरने पर मजबूर कर रखा है और मरने के लिए छोड़ दिया है। प्रार्थीगणों को ऐसी सूरत में कुछ भी नजर नही आ रहा है, वो क्या करे और क्या ना करे और इन लोगों को दर, बदर की ठोकरे खाने को मजबूर कर दिया हैं ।

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Gordhan Soni

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