अपनी मायड़ भाषा राजस्थानी को दें प्राथमिकता :- राकेश भाटी सर
मायड़ पुस्तक के विमोचन पर उठी राजस्थानी को मान्यता देने की मांग

नोहर
कलाम क्लासेज नोहर में राजस्थानी भाषा को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मायड़ कला एवं संस्कृति पुस्तक के कवर पेज का विमोचन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में पधारे राकेश भाटी सर, आपणो राजस्थान आपणी राजस्थानी के संयोजक हरीश हैरी, पंकज कुमार सोनी पंकज पब्लिकेशन रावतसर, विनोद सुथार एसडीवी क्लासेज रावतसर, राजस्थानी हेताळू रमेश सोनी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
कलाम संस्थान के निदेशक विक्रांत कूकणा, डायरेक्टर अरविंद जोशी व उपस्थित स्टाफ व अतिथियों ने कवर पेज का विमोचन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। राकेश भाटी सर ने कहा कि यह पुस्तक प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए रामबाण सिद्ध होगी। हमें राजस्थानी भाषा को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि यह व्यवहार की भाषा बने और इसे मान्यता मिली। राजस्थानी को मान्यता होने से राजस्थान के युवाओं को रोजगार में बहुत बड़ा फायदा होगा। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी हुई शंकाओं का भी समाधान किया। आपणो राजस्थान आपणी राजस्थानी के संयोजक हरीश हैरी ने कहा कि राजस्थानी को व्यवहार की भाषा बनाकर पहले खुद मान्यता दें ताकि सरकार को भी पता चले की जनता जाग चुकी है। उन्होंने हास्य अंदाज में राजस्थानी भाषा को मान्यता होने से मिलने वाले फायदे गिनाए। इस अवसर पर विनोद बिजारणिया, अरविंद सिहाग, एसके सर, चंद्रकांत माहेश्वरी, सुनीलसिंह राठौड़, हंसराज चौधरी, राकेश सर सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।














