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शहीदों के प्रति राष्ट्र कृतज्ञ-बाजिया
शहीद वीरांगनाओं का किया सम्मान….
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बीकानेर,1 मार्च। शहीद सैनिक परिवारों का बुधवार को आयोजित सैनिक सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम में सम्मान किया गया। सैनिक कल्याण कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण समिति के उपाध्यक्ष रामसहाय बाजिया ने शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं का शॉल ओढाकर सम्मान किया और शहीद आश्रितों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं जानी।
इस अवसर पर रामसहाय बाजिया ने कहा कि शहीद अपना सर्वस्व न्यौछावर कर मातृभूमि की रक्षा करते हैं। उनके बलिदान के प्रति राष्ट्र और समाज कृतज्ञ है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिक और उनके परिजनों के कल्याण हेतु संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सैनिक के एक्सीडेंट या बीमारी से असक्षम होने पर उसके परिवार में एक व्यक्ति को अनुकंपा नौकरी, राजस्थान एक्स सर्विसमेन कॉर्पोरेशन के माध्यम से वेतन बढोतरी, राज्य सैनिक भवन बनाने हेतु 20 करोड़ और 4 हजार वर्गगज जमीन आवंटन, द्वितीय विश्व युद्ध की वीर नारियों की पेंशन चार हजार से दस हजार रुपए प्रतिमाह जैसे कल्याणकारी फैसले किए गए हैं। साथ ही शहीद सैनिकों के वारिसान को सरकारी नौकरी, सैनिकों के डाटा का डिजिटलीकरण, शहीदों को मिलने वाले पैकेज को 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार शहीदों के आश्रितों की सहायता के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करते हुए उनके साथ संवाद कर समस्याओं को दूर कर रही है।
कार्यक्रम में शहीद कान सिंह, रेवंत सिंह, पूरण सिंह, रफीक खान, परसाराम, चंद्र चौधरी, ओमप्रकाश विश्नोई, मेजर जेम्स थॉमस, राकेश कुमार चोटिया हेतराम गोदारा के आश्रित परिवारों का सम्मान किया। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (से.नि.) दिलीप सिंह शेखावत सहित भारतेंदु शर्मा व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

शहीदों के आश्रितों की मदद के लिए तत्पर रहे प्रशासन
राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण समिति के उपाध्यक्ष रामसहाय बाजिया ने जिला कलक्टर और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर सैनिक कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सैनिक देश की रक्षा कर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं, सैनिकों और उनके आश्रितों की मदद के लिए राज्य सरकार ने कई अभूतपूर्व फैसले लेते हुए कल्याणकारी योजनाएं लागू की है। परीक्षा में बैठने में आयुसीमा में छूट सहित विभिन्न लाभ दिए गए हैं। सरकारी नौकरी हेतु पूर्व में सैनिकों को अनिवार्य 40 प्रतिशत अंक से घटाकर 30 प्रतिशत किया गया है। सरकार की मंशानुसार भूतपूर्व सैनिकों एवं शहीद आश्रितों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए।
बैठक में जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने सैनिक कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं में प्रगति की जानकारी दी। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद नित्या के, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) पंकज शर्मा, जिला उद्योग केन्द्र महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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