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परमार्थ सेवा समिति ने 15 दिनों में बचाए सैकड़ो पक्षी : संस्था परिसर में ही दिया उपचार की सेवा सुश्रुषा…


25 अप्रेल 2023, बीकानेर। बीकानेर शहर के अन्दरूनी क्षेत्रों में बीकानेर स्थापना दिवस तथा अक्षय तृतीया पर पतंगबाजी करीब एक माह पूर्व शुरू हो जाती है । पतंगबाजी के शौखिन लोग नृसिंह चवदस तक जम कर पतंबाजी करते है, इस शहर की एक संस्था जो करीब पच्चीस वर्ष पहले स्मृतिशेष रमेश कुमार व्यास द्वारा स्थापित की गई थी, इस परमार्थ सेवा समिति के कार्यकर्ता हर वर्ष सैकड़ों पक्षियों की जान बचाने का प्रयास करते है, इस वर्ष भी अक्षय तृतीया से पक्षियों की जान बचाने का सिलसिला 15 दिन पहले शुरू हुआ और संस्था द्वारा अक्षय तृतीया तक करीब 125 पक्षीयों जान बचाई गई जिसमें कबूतर, चिड़िया, उल्लू, बाज, सहित अन्य अनेक पक्षी शामिल है।
अभी परमार्थ सेवा समिति का कार्यभार उस्ताबारी निवासी रेलवे विभाग में तकनीशियन पद पर कार्यरत अविनाश व्यास श्रीधर सम्भाल रहे है । व्यास ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा अपने पिताजी से मिली जो अनवरत जारी है, व्यास के अनुसार वर्षों पूर्व पक्षीयों की जान बचाने की परम्परा बीकानेर शहर की संस्कृति का हिस्सा थी पहले हर गली मोहल्ले में पक्षियों हेतु चबुतरे व पिंजरे बने होते थे जो आजकल न के बराबर है अतः लोगो के सामने घायल पक्षीयों को रखने का संकट उत्पन्न होने लगा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हमने अपने घर में ही परमार्थ पक्षी घर बनाया और लोगो में एक संदेश दिया कि जिस किसी को भी घायल पक्षि नजर आए वो समिति से संपर्क कर सकते है अथवा उस घायल पक्षी को परमार्थ पक्षी घर पहुंचा सकता है। परमार्थ पक्षी घर में पक्षीयों हेतु दाना, पानी एवं मेडिकल उपचार की उचित व्यवस्था की गई ये कार्य आज भी लगातार जारी है।
व्यास ने बताया कि इस अक्षय तृतीया पर शहरी परकोटे के हर क्षेत्र तथा बाहरी क्षेत्रों मे भी  परमार्थ सेवा समिति की टीम ने घायल पक्षीयों को रेस्क्यू कर झूलते मांझों को नष्ट किया गया । उल्लेखनीय है कि परमार्थ सेवा समिति एक संस्था न होकर एक विचारधारा है जिसमें सात वर्ष की आयु से लेकर साठ वर्ष तक की आयु के जीव प्रेमी महिला व पुरूष अपनी सक्रिय भूमिका निभाते है।
व्यास ने जिला प्रशासन एवं भामाशाहों को दिया सुझाव
परमार्थ सेवा समिति के अविनाश व्यास ने जिला प्रशासन एवं भामाशाहों को सुझाव देते हुए बताया कि निरंतर बढ़ते हुए पक्षीयों की संख्या को देखते हुए पक्षी घर बनाने की आवश्यकता है जहां बड़ी तादाद में घायल पक्षीयों की सेवा सुश्रुषा की जा सके इस हेतु परमार्थ सेवा समिति के कार्यकर्ताओं की टीम वहां भी पक्षीयों की सहायता हेतु हर समय तैयार रहेगी।

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