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महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में स्थाई राजस्थानी विभाग प्रारंभ करने हेतु शिष्टमंडल कुलपति से मिला


बीकानेर/मुक्ति संस्था के तत्वावधान में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर में स्थाई राजस्थानी विभाग प्रारंभ करने हेतु विश्वविद्यालय के कुलपति भागीरथ सिंह बिजारणिया को ज्ञापन दिया गया।

राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कोषाध्यक्ष कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी के नेतृत्व में कुलपति से मांग की गई पिछले पाँच वर्ष से महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय एसएफएस योजना के अंतर्गत राजस्थानी विभाग संचालित हो रहा है, ज्ञापन में मांग की गई है कि इस विभाग को विश्वविद्यालय में स्थाई विभाग के रूप में प्रारंभ किया जाए। जोशी ने कहा कि अब तक लगभग 200 से अधिक छात्र- छात्राओं ने राजस्थानी स्नातकोत्तर की परीक्षा पास की तथा एक दर्जन के लगभग लघु शोध भी करवाए गए हैं, उन्होंने बताया की विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग स्थाई ना होने के कारण विद्यार्थियों को आठ गुना फीस अधिक देनी होती है। एवं पीएचडी एवं लघु शोध कार्य भी विश्वविद्यालय के अंतर्गत वर्तमान में नहीं किए जा रहे हैं, ज्ञापन के प्रत्युत्तर में कुलपति भागीरथसिंह बिजारणिया ने कहा कि में आपकी मांग से सहमत हूं और आज ही राज्य सरकार को अनुमति के लिए अभिशंषा सहित भिजवा दूंगा।
ज्ञापन के दौरान कुलपति महोदय से
महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के सभी विभागों की गेस्ट फैकल्टी के मानदेय की विसंगति दूर करने का भी आग्रह किया।
शिष्टमंडल में डाॅ.नमामी शंकर आचार्य, डाॅ.प्रशान्त बिस्सा, डाॅ. गौरीशंकर प्रजापत, डॉ० कप्तान चारण, भंवर कड़ेला, राजस्थानी विभाग से प्रशांत जैन ,राजेश चौधरी,कमल मारू, एडवोकेट राजेश चौधरी, रामावतार उपाध्याय आदि शामिल रहे।

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Gordhan Soni

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