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बदले युग की धारा -अणुव्रतों के द्वारा

पर्युषण महापर्व का पांचवा दिन अणुव्रत चेतना दिवस के रूप में मनाया गया

16 सितंबर 2023 शनिवार

तेरापंथ भवन, गंगाशहर। पर्युषण महापर्व का पांचवा दिन आज अणुव्रत चेतना दिवस के रूप में आयोजित किया गया। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, गंगाशहर द्वारा आयोजित धर्म सभा में मुनिश्री श्रेयांश कुमार जी ने अणुव्रत चेतना पर प्रकाश डालते हुए “नैतिकता अपनाओ” गीतिका का संगान किया। मुनि श्री विमल बिहारी जी ने कहा कि जितनी चेतना का जागरण होगा उतना ही भव भ्रमण मिटेगा। इससे व्यक्ति चौरासी के चक्कर से बच सकेगा। उन्होंने तपस्या से मनोबल बढ़ने की बात कही तथा अणुव्रतो के द्वारा ही युग धारा को बदला जा सकता है, यह बताया।

शासनश्री साध्वी श्री शशिरेखा जी ने काल गणना के अनुसार विभिन्न आरो की विस्तृत व्याख्या की। साध्वी श्री ललित कला जी ने विघ्न हरण, मुणिन्द मोरा, भिक्षु म्हारे प्रकट्या जी इन तीनों ढालों की विवेचना करते हुए इन्हें प्रतिदिन बोलने गाने के लिए प्रेरित किया। साध्वीश्री समृद्धिप्रभा जी ने आचार्य तुलसी द्वारा उद्घाटित आध्यात्मिकता और नैतिकता के संयुक्त उपयोग की बात कहते हुए अणुव्रत आंदोलन द्वारा समाज सुधार के बारे में बताया। साध्वी श्री मृदुला कुमारी जी ने सिद्ध गति के बारे में बताते हुए जन्म मरण से मुक्ति की प्रक्रिया बताई।

✍प्रकाश सामसुखा

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