नोखा ।अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी द्वारा उद्घोषित एवं अणुविभा द्वारा निर्देशित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत गुरुवार को अणुव्रत समिति नोखा के तत्वाधान में नशा मुक्ति दिवस
उप कारागृह, नोखा मैं मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता सुनील वेद ने कहा कि युवा वर्ग में नशा करने की आदत बड़ी तेजी से बढ़ रही है। जो एक चिंता का विषय है। नशा करना पहले भी चलता था लेकिन इस प्रवृत्ति पर इतना ध्यान नहीं दिया गया ,जैन आचार्य ने 7 कु व्यसन बतलाए उनमें एक नशा भी है, नशा आज एक समस्या के रूप में है जो दिन प्रतिदिन जटिल बनती जा रही है। हमें इन सब पर विचार करना चाहिए और अपना वर्तमान जीवन अच्छा बनाना चाहिए जिससे अपना भविष्य अच्छा बन जाएगा। उन्होंने अणुवत आचार संहिता की जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह हम अपने आप को मर्यादा में रहकर मर्यादित जीवन जी सकते हैं। जिससे हमारा जीवन सफल हो जाएगा। नगर पालिका उपाध्यक्ष तेरापंथ सभा के अध्यक्ष निर्मल भूरा ने कहा कि छोटे-छोटे नियम का जो पालन करते हैं वही व्यक्ति अणुव्रती हो जाता है। आज आवश्यकता है व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व सुधारने की, उन्होंने आचार्य से तुलसी द्वारा अणुव्रत नियमों की बनाई गई आचार संहिता की विस्तार से जानकारी दी । अपने विचार में हिसा मन में आना भी जैन धर्म में गलत है ।इसलिए जीवन में हर व्यक्ति अनुशासित रहे, जाने अनजाने में जो गलती हुई है इस कारण आज हम यहां पर हैं, हमें संकल्प लेना चाहिए कि जिसके कारण हमारा जीवन खराब हुआ है। व हमारा परिवार हमसे दूर हुआ है उस बुराई को हम आज ही छोड़ दें। जिससे हम और हमारा परिवार सही हो सके। इंदरचंद मोदी ने कहा कि आप विचाराधीन कैदी हैं यह सुधार ग्रृह है और आप में किसी भी प्रकार की कोई भी बुराई है आप छोड़ सकते हैं। और अपना जीवन सफल बना सकते हैं ।आप अच्छे मानव बने। उपकोषअधिकारी रमेश व्यास ने कहा की बुराई मानव मात्र में होती है परंतु उस बुराई को समाप्त भी किया जा सकता है। नशे के कारण हमारी भौतिक क्षमता भी समाप्त हो जाती है। इसलिए हमें किसी प्रकार का जो नशा है उसे छोड़कर हमारा नया जीवन शुरू करना चाहिए ।उन्होंने बताया कि प्रारंभ में शोक रूप से नशा मित्रों द्वारा चालू करवाया जाता है, और बाद में वह आदत बन जाता है। हमें हमारे विवेक से निर्णय लेना चाहिए जिससे कभी जीवन में परेशानी ना हो। तेरापंथ सभा के मंत्री लाभचंद छाजेड़ ने अणुव्रत के 11 नियमों की विस्तार से जानकारी दी। इंद्र चंद बैद ने संचालन करते हुए अणुव्रत में बताए गए जीवन जीने की कला की जानकारी दी। अणुव्रत समिति के अध्यक्ष मनोज घीया ,सचिव महावीर नाहटा,हंसराज भुरा, मधु लुणिया, अनिल जैन, मनोज रांका, आदि उपस्थित थे। समिति की ओर से अणुव्रत आचार संहिता का बोर्ड जेलर नरेश शुक्ला को उपखंड अधिकारी रमेश देव ने सोपा। जेलर नरेश शुक्ला ने विचाराधीन कैदियों का आह्वान किया कि वह अपने जीवन में अणुव्रत आचार संहिता का पालन करें तो जीवन सफल हो जाएगा।


















