
पीबीएम अस्पताल में सार्वजनिक शौचालय कम होने तथा उनकी सार संभाल न होने के कारण हर जगह गंदगी का आलम रहता है। मर्दाना विभाग तथा आपातकाल के पास रात्रि के समय रोगियों के साथ आए परिजन सार्वजनिक शौचालय के अभाव में दीवारें गंदी करते नजर आते हैं। इसी समस्या के निदान तथा नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से महापौर सुशीला कंवर ने पीबीएम चिकित्सालय में 35 लाख की लागत से सार्वजनिक शौचालय बनाने का संकल्प लिया। आज मेयर ने विधिवत पूजन कर कार्य प्रारंभ करवाया है।
महापौर सुशीला कंवर, उपमहापौर राजेंद्र पंवार, पीबीएम अधीक्षक पी के सैनी की उपस्थिति में विधिवत पूजन कर ठेकेदार ने कार्य शुरू किया। महापौर ने कहा की पीबीएम अस्पताल में आमजन तथा अधीक्षक महोदय की तरफ से कई बार शौचालय निर्माण के संबंध में निवेदन किया गया था। स्थान के अभाव में कार्य संभव नहीं हो पाया। अस्पताल द्वारा स्थान उपलब्ध करवाने पर कार्य आज शुरू किया गया है। निगम के माध्यम से यहां 35 लाख की लागत से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण होगा। भविष्य में इस शौचालय के रख रखाव हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएगी।
मेयर ने रोगियों के परिजनों के लिए फिर से रखी आश्रय स्थल की बात
मेयर सुशीला कंवर ने पीबीएम अधीक्षक से रोगियों के साथ आए परिजनों के रुकने के लिए लंबे समय से चल रहे आश्रय स्थल के निर्माण के संबंध भूमि उपलब्ध करवाने की बात फिर से रखी। महापौर ने बताया की केंद्र सरकार द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत रोगियों के परिजनों के रुकने के लिए आश्रय स्थल का निर्माण भी निगम के माध्यम से किया जाएगा। 4 से 6 तल के इस आश्रय स्थल में लोगों को निःशुल्क ठहरने के साथ 3 स्तर होटल में उपलब्ध होने वाली सभी सुविधाएं जैसे लेट बाथ, गीजर, कूलर, वाटर कूलर, टीवी, सीसीटीवी कैमरा, गद्दे, रजाई आदि निःशुल्क उपलब्ध करवाए जायेंगे। महापौर ने अधीक्षक से पुनः आश्रय स्थल हेतु भूमि आवंटन के लिए सोसाइटी की मीटिंग में प्रस्तुत रखने की बात रखी।
इस दौरान उपमहापौर राजेंद्र पंवार, अधीक्षक पी के सैनी, पार्षद अनूप गहलोत, हरिकिशन राजपुरोहित सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक,पार्षद एवं आमजन मौजूद रहे।















