हिन्दु समाज के हृदय नायक, कलयुग में अवतार महापुरूष का सम्मान प्राप्त सत्संग सम्राट प्रातः स्मरणीय ब्रह्मलीन संत स्वामी रामसुखदासजी महाराज लगभग 1960 से ही धर्म प्रधान देश में भ्रुणहत्या के बढ़ते आंकड़ों से व्यथित थे । प्रत्येक प्रवचन में पूज्य संत की मार्मिक वाणी से सत्संग प्रेमी, श्रोताग्रण भी द्रवित हो उठे और इस महापाप से बचने-बचाने मार्गदर्शन मांगा ।
पूज्य संतश्री ने अपनी दूर दृष्टि से समर्पित सत्संगी श्री राम किशोर तिवाड़ी (तत्कालीन भाजपा के वरिष्ठ नेता) एंव चैन्नई के मोतीचन्द जी बिन्नानी को बुला कर अन्य संस्थाओं से अलग स्वरूप में एक संस्था “गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति,भारत” का गठन करते हुए भ्रूण हत्या / गर्भपात जैसे महाविनाशी और शास्त्रोक्त विरूद्ध कृत्य रोकने और जन-जागरण करने के निर्देश दिये ।
इस प्रकार पूज्यश्री की प्रेरणा एंव मार्गदर्शन से 03 जून 1996 को स्वार्गाश्रम के गीता भवन में संस्था का प्रादुर्भाव हुआ ।
1996 से 2001 तक संस्था के साधक श्री रामकिशोर तिवाड़ी के नेतृत्व में स्वामी रामसुखदासजी महाराज के देशव्यापी कार्यकमों में उपस्थित हो कर गऊहत्या व भ्रूणहत्या से होने वाले विकारों व दुर्दशा से सम्बन्धित गीता प्रेस का साहित्य वितरण, प्रोजेक्टर पर “मूक चीख” फिल्म का प्रदर्शन, हिन्दु समाज की घटती जनसंख्या पर स्टॉल लगा कर जनजागरण और गर्भपात निषेध के संकल्प पत्र भरवाये जाने लगे ।
जैसे जैसे समय के साथ प्रयास बढ़े तो संस्था से साधको का जुड़ने का कम स्वामीजी के आशीर्वाद से फलीभूत होने लगा। श्री तिवाड़ीजी के निरन्तर राष्ट्रव्यापी प्रवास और अथक प्रयास से समर्पित कार्यकत्ताओं श्री टीकम जी भोजक (सरदारशहर), त्रिलोक जी अग्रवाल (हनुमानगढ़), शिवनारायण जी अग्रवाल (भीलवाड़ा), राजकुमारजी राणियावाले (नोहर), लीलाधर जी पटवा (गंगानगर), सरिता बहिन (डीडवाना), श्यामजी मंत्री (कुचामन सिटी), बाबुलालजी शर्मा (अलवर), सरिताजी सरावगी (रायपुर) जैसे तन, मन, धन से समर्पित पदाधिकारियों की टीम ने राजस्थान के 145 शहरों में विधिवत ब्रांच खोल कर और राष्ट्र के 15 राज्यों में जोर शोर से बड़े-बड़े कार्यकमों, रैलियों, शिक्षण संस्थाओं में सेमिनारे होने लगी । कालान्तर में राष्ट्रीय महामंत्री श्याम जी मंत्री (कुचामनसिटी), प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल जी शर्मा (अलवर), राष्ट्रीय मंत्री सरिता जी सरावगी (रायपुर) के जीवन्त प्रयासों से राष्ट्रीय स्तर पर निरन्तर कार्यकमों से संस्था को गति प्रदान की ।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामकिशोर तिवाड़ी ने अपनी सकियता के साथ उर्जावान व कियाशील साधकों के साथ पिछले 27 वर्षों से सरकारी स्तर, प्रशासनिक स्तर, धार्मिक, सामाजिक, सार्वजनिक अनवरत प्रयासों से संस्था को इस ऊँचाई पर पहुँचाया कि राष्ट्र के प्रधानमंत्रीजी ने “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं” का अभियान 2015 में पानीपत की धरती से शुरू किया और दैनिक पंजाब केसरी ने राष्ट्र के हजारों एन.जी.ओ में इस संस्था को श्रेष्ठ संस्था के अवार्ड से सम्मानित किया। हिसार शाखाध्यक्ष दीपकजी के माध्यम से संस्था की जनहित याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है ।
संस्था के 25 वर्ष पूर्ण होने पर जोधपुर में रजत जयंती महोत्सव मनाया गया । त्रि-दिवसीय सम्मेलन के दौरान गहन चिन्तन में अब तक की उपलब्धियों के साथ सनातन संस्कृति और संस्कारों को पुनः जन जन तक पहुँचानें का संकल्प लिया गया । रजत जयन्ती वर्ष में 20 मार्च 2021 से 19 दिसम्बर 2021 तक संस्था की जनजागरण रथ-रात्रा राजस्थान की प्रत्येक तहसील एंव उ.प्र., हरियाणा के प्रमुख शहरों तक निकाल कर राष्ट्रवासियों को सन्देश पहुँचानें के प्रयास सफल रहे ।
इस प्रकार से संस्था के बड़े-बड़े सम्मेलन व रैलिया निम्नानुसार रहे :-
- 2000 में बीकानेर ।
- 2001 में रतनगढ़, देहरादून ।
- 2002 में जोधपुर व सीकर ।
- 2003 में हनुमानगढ़, श्री कोलायत ।
- 2004 में राजगढ़ ।
- 2005 में डूंगरगढ़, बालोतरा, सरदारशहर ।
- 2006 में पीलीबंगा, गंगानगर ।
- 2007 में भीलवाड़ा ।
- 2008 में चुरू, बीकानेर ।
10.2009 में उदयपुर, कुचामनसिटी ।
11.2010 में चिड़ावा, झुंझुनूं ।
12.2011 में डीडवाना, नोखा ।
13.2012 में नोहर, हनुमानगढ़ जक्शन ।
14.2013 में सुजानगढ़, चुरू ।
15.2014 में वृन्दावन, ऋशिकेश ।
16.2015 में रामेश्वरम, हरिद्वार, बीकानेर ।
17.2016 में बद्रीनाथ धाम, नोहर ।
18.2017 में कुचान सिटी, अलवर ।
19.2018 में सूरत, काशी, सूरतगढ़, जोधपुर ।
20.2019 में अहमदाबाद, बान्दीकुई, सालासर ।
21.2020 में द्वारिकापुरी ।
22.2022 में जोधपुर रजत जयंती समारोह ।
23.2023 में श्री डूंगरगढ़, नवलगढ़, रावतसर, कुचामनसिटी, अलवर ।
इस संस्था को आज तक संत गोविन्द गिरी जी, महाश्रमण जी, संत राजेन्द्रदासजी, अवधेशानन्द जी, साध्वी ऋतम्भरा जी, दत्त शरणानन्द जी, निराले बाबा, आचार्य धर्मेन्द्र जी, संत विजयानन्द जी, नवलराम जी महाराज, आनन्द जी ब्रह्मचारी, संत भोलेबाबा, योगी रमणनाथ जी, संत नित्यानन्द जी जैसे सन्त-महात्माओं का सहयोग व आशीर्वाद प्राप्त हुआ है ।
अन्त में विलक्षण संत स्वामी रामसुख दास जी महाराज की आज्ञानुसार संस्था की आचार संहिता में किसी भी प्रकार का फॅड निर्माण, चन्दा, अनुदान, द्रव्य एकत्रित करना निषेध रखा गया है, समर्पित साधक ही संचालन करते है ।
समर्पित साधक रामकिशोर जी तिवाड़ी (गृहस्थी संत) व राष्ट्रीय महामंत्री श्यामसुन्दर जी मंत्री के सानिध्य में संस्था सनातन संस्कृति, हिन्दुत्व के संरक्षण एंव गर्भपात के विरूद्ध व्यापाक प्रचार-प्रसार से राष्ट्रीय पहिचान के फलस्वरूप बड़े-बड़े राजनेता व अधिकारी संस्था के कार्यकमों में शामिल होना अपना सौभाग्य समझते है ।
यह दिव्य संस्था आगामी युग का जीवन्त प्रतिबिम्ब है ।

गोवर्धन सोनी(पत्रकार)
संस्था प्रवक्ता














