
2003 में हार हाथ लगी थी भजनलाल शर्मा को
यह सच है कि कोई भी राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन कभी व्यर्थ नहीं जाता। किसने सोचा था 2003 में स्व. श्री लोकेन्द्र सिंह कालवी और श्री देवी सिंह भाटी के बनाए सामाजिक न्याय मंच का नया नेता कभी राजस्थान का मुख्यमंत्री बनेगा।
श्री भजनलाल शर्मा 2003 में भाजपा से टिकिट की मशक्कत में थे लेकिन टिकिट नहीं मिला। तभी लोकेन्द्र सिंह कालवी ने उन्हें सामाजिक न्याय मंच से टिकिट दिया और नदबई से चुनाव लड़वाया।
वक्त बदलता गया, राजनीति बदल गई मुखौटे इधर से उधर हो गए। लोकेन्द्र सिंह कालवी और देवी सिंह भाटी वक्त के बेनूर अंधेरों में खो गए। सामाजिक न्याय मंच से निकले भजनलाल जी की महान यात्रा अपनी गति से चलती रही। और आज वह महान यात्रा अपने महान लक्ष्य को हासिल कर चुकी है।
कुछ अन्य तथ्य-
2003 में बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर नए मुखिया भजनलाल शर्मा ने सामाजिक न्याय मंच से नदबई से चुनाव लड़ा और हार गए थे… बहुत कम वोट उन्हें मिले करीब 6 हजार..
इससे पहले सरपंच का चुनाव भी लड़ चुके थे..
राजस्थान में 33 साल बाद ब्राह्मण चेहरा मुख्यमंत्री बना..कांग्रेस से हरिदेव जोशी 3 बार सीएम 1973 से 1977,फिर 1985 से 1988 तक और फिर 1989 से 1990 तक सीएम रहे
बीजेपी ने दूसरी बार डिप्टी सीएम बनाने का फार्मूला अपनाया, इससे पहले भेरों सिंह की 1993 में बनी सरकार में हरिशंकर भाभडा डिप्टी सीएम बने थे..














