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राजस्थान में 10 मार्च से 48 घंटे के लिए पेट्रोल पंप बंद रहेंगे, डीलर्स अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर


राजस्थान में बढ़े हुए वैट की वजह से पेट्रोल पंप संचालकों को लगातार घाटा हो रहा है। हम लंबे वक्त से सरकार से वैट कम करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पड़ोसी राज्यों में राजस्थान के मुकाबले काफी सस्ता पेट्रोल बिक रहा है।
7 साल से डीलर्स के कमीशन में बढ़ोतरी नहीं की गई
पिछले 7 साल से डीलर्स के कमीशन में बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसकी वजह से राजस्थान में ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसको लेकर हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इसके साथ ही प्रदेशभर के पेट्रोल पंप संचालक 11 मार्च को जयपुर में सचिवालय का घेराव भी करेंगे। ताकि अपनी वाजिब मांग को सरकार तक पहुंचा सकें। राजेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि प्रदेश में लगभग 5800 पेट्रोल पंप है। इनमें से हड़ताल के दौरान 4000 से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद रहेंगे।
13, 14 और 15 सितंबर को भी हड़ताल का आह्वान किया गया था। राजस्थान में एकजुटता की कमी के कारण हड़ताल के बावजूद कई शहरों में पेट्रोल पंप खुले भी थे।
बीजेपी सरकार के नेता चुनाव से पहले बढ़े हुए वैट
कम करने की मांग करते थे
राजेंद्र सिंह ने कहा- राजस्थान की बीजेपी सरकार के नेता चुनाव से पहले बढ़े हुए वैट कम करने की मांग करते थे। जब से बीजेपी सत्ता में आई है, इनके नेता वैट कम करने की बात भूल गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता सार्वजनिक मंच से राजस्थान में बढ़े हुए वैट को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। राजस्थान में बीजेपी सरकार बनने के बाद इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसकी वजह से न सिर्फ पेट्रोल पंप संचालक, बल्कि आम जनता का भी शोषण हो रहा है।
जयपुर पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष लादू सिंह ने कहा- सरकार ने पिछले 7 साल से पेट्रोल पंप संचालकों के कमीशन में वृद्धि नहीं की है, जबकि 7 सालों में महंगाई बहुत बढ़ गई। कर्मचारियों की सैलरी बढ़ गई। किराया-भाड़ा तक बढ़ गया है। इसके बावजूद हमारा कमीशन नहीं बढ़ रहा है। इसे अब बढ़ाया जाना चाहिए। इसके साथ ही तेल कंपनियों द्वारा हम पर हाई स्पीड पेट्रोल और ऑयल खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। जनता सामान्य पेट्रोल खरीदना पसंद करती है। ऐसे में महंगा तेल बेचना मुश्किल हो जाता है।
इससे पहले एसोसिएशन ने 13, 14 और 15 सितंबर को भी हड़ताल कर सरकार से वेट में कटौती की मांग की थी। तब सरकार ने कमेटी का गठन कर पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन की हड़ताल को खत्म करवा दिया था। हालांकि इस दौरान एकमत नहीं होने के कारण कई शहरों में पेट्रोल पंप खुले भी थे। राजस् सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल भारत में सबसे महंगा ईंधन (पेट्रोल-डीजल) राजैरैथाने का श्रीगंगानगर में बिक रहा है। यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 113.30 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 98.07 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई है। महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल 109.26 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.66 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। पोर्ट ब्लेयर में सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल बिक रहा है। यहां पेट्रोल की कीमत 84.10 रुपए प्रति लीटर और डीजल का भाव 79.74 रुपए प्रति लीटर है।

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Prakash Samsukha

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