
बीकानेर । गंगाशहर के मिनी मांडोली (शांति गुरुदेव मंदिर) व तेरापंथ भवन में आयोजित तीन दिवसीय भक्ति महोत्सव के तहत देव, गुरु के प्रति श्रद्धा व भक्ति के साथ रंगारंग महोत्सव शनिवार को अनेक कार्यक्रम हुए।
महोत्सव का लाभ सुश्रावक प्रसन्न चंद-लीला देवी, चार्टेड एकाउंटेंट विनोद कुमार-संगीता, सुश्री पलक एवं समस्त पारख परिवार तथा व्यवस्था में सहयोगी संस्थाएं नक्षत्र पब्लिक ट्रस्ट और श्री शांति विजय सेवा समिति ने लिया है।
आयोजन से जुड़े चार्टेड एकाउंटेंट विनोद कुमार पारख व श्री शांति विजय सेवा समिति के संयोजक श्री ऋषभ सेठिया ने बताया कि शनिवार गंगाशहर के शांतिगुरुदेव के मंदिर (मिनी मांडोली) में सामूहिक गुरु चालीसा का पाठ तथा श्री विजयशांति सूरीश्वर भगवंत का विशिष्ट औषधियों से महाअभिषेक होगा। शनिवार को डा. संजय जैन व पारख परिवार की देखरेख निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर आयोजित किया गया जिसमे बीकानेर के नामी चिकित्सकों ने रोगियों की जांच कर उन्हें उचित परामर्श दिया। विभिन्न जांचें निःशुल्क की गई। राजस्थान दिवस व होली स्नेह मिलन के तौर पर गंगाशहर के तेरापंथ भवन में दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक रंगारंग कार्यक्रम एवं चंग धमाल का आयोजन होगा। जिसमें गुरु भक्त गणेश सुराणा (हाल-भीलवाडा) – पार्टी चंग धमाल, अनिल सुराणा अपने ग्रुप के साथ डंडिया नृत्य व अन्य गुरुभक्त अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां दी। अनेक महिलाओं व पुरुषों ने चंग की थाप के साथ भक्ति की धमालों के साथ नृत्य किया।
सी.ए.विनोद पारख ने बताया तेरापंथ भवन से मिनी मांडोली तक तेरापंथ भवन से शांति-शोभायात्रा निकाली गई। गाजे बाजे से निकली शोभायात्रा में शांति गुरुदेव की पालकी के आगे श्रावक-श्राविकाएं चंवर ढूला रे थे। श्राविकाएं मांगलिक गीत गाते हुए नृत्य कर रही थीं। श्रद्धालु शांति गुरुदेव का जयकारा लगा रहे थे। शांति गुरुदेव के भजन व स्तुति या गाई जा रही थीं। शाम को आरती के वक्त मिनी मांडोली में मेला सा लगा था। मिनी मांडोली में रंग बिरंगी रोशनी व फूलों से सजावट की गई। मंदिर के संस्थापक परिवार की ओर से पन्नालाल-हनुमानदास, लीलम चंद सिपानी परिवार के सदस्यों ने श्रावक-श्राविकाओं का अभिनंदन किया। तेरापंथ भवन में
तीन दिवसीय कार्यक्रमों के तहत रविवार 31 मार्च को गंगाशहर के शांतिगुरुदेव मंदिर (मिनी मांडोली) में सुबह साढ़े सात बजे श्री आदिश्वर (अशोक) कोचर के संयोजन में नवकार भक्तामर मंडल, बीकानेर द्वारा प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को समर्पित भक्तामर पाठ किया जायेगा उसके बाद सुबह साढ़े आठ बजे विनोद सेठिया, सुनील पारख तथा अन्य गुरुभक्तों के द्वारा शांतिगुरुदेव की विशेष अष्टप्रकारी पूजा की जाएगी।















