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दिव्यांग सेवा संस्थान बीकानेर में मूक बधिर बालक बालिकाओं के साथ राजस्थान का 75वां स्थापना दिवस मनाया गया।


आपणी फाउंडेशन  के निदेशक समाजसेवी रामस्वरूप कूकणा ने बताया कि दिन राजस्थान के लोगों की वीरता, दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बलिदान को नमन किया जाता है। यहाँ की लोक कलाएँ, समृद्ध संस्कृति, महल, व्यञ्जन आदि एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। इस दिन कई उत्सव और आयोजन होते हैं जिनमें राजस्थान की अनूठी संस्कृति का दर्शन होता है।

       महेन्द्र सिंह सांखला सेंटर इंचार्ज संजीवानी रिहैबिलिटेशन सेंटर अहमदाबाद में बताया कि राजस्थान का इतिहास दुनियाभर में जाना जाता है। यहां के रजवाड़े-हवेलियां और थार का रेगिस्तान टूरिस्ट अपने-आप में खास है।

            संस्थान संचालक जेठा राम ने बताया कि हर वर्ष के तीसरे महीने (मार्च) की दिनाङ्क 30 को राजस्थान दिवस मनाया जाता है। 30 मार्च, 1949 में जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों का विलय होकर ‘वृहत्तर राजस्थान सङ्घ’ बना था। इस दिन राजस्थान के लोगों की वीरता, दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बलिदान को नमन किया जाता है।

आपणी  फाउंडेशन अध्यक्ष एडवोकेट दयाराम कूकणा, दातार सिंह, सुभाष यादव, अजय कुमार, रोहित कुमार आदि मौजूद रहे।

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Gordhan Soni

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