
आज दिव्यांग सेवा संस्थान बीकानेर में छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि मनाई गई। मूक बधिर बालक बालिकाओं द्वारा पुष्प अर्पित कर नमन किया। संस्थान संचालक जेठा राम ने मूक बधिर बालक बालिकाओं को साइन लैंग्वेज में जीवनी बताई गई और कहां इसके बाद तो हिन्दू साम्राज्य की स्थापना के लिए उनका सारा जीवन लड़ाइयों में ही बीतने लगा। महान हिंदू सम्राट छत्रपति शिवाजी ने 3 अप्रैल, 1680 को दुनिया को अलविदा कहा था। विशेष अध्यापक अजय कुमार ने ने बताया जब भी वीर पराक्रमी राजाओं की बात होती है तो हमारी जुबां पर पहला नाम छत्रपति शिवाजी महाराज का ही आता है। सोहेल भाटी ने बताया की शिवाजी महाराज की कहानियां सुनकर अंदर मर्यादा, धैर्य और धर्मनिष्ठा जैसे गुणों का अच्छे से विकास होता है ।
कार्यक्रम में राजेश कुमार, रोहित कुमार, दिलीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे।














