बीकानेर, 31 मई। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की साध्वीश्री विचक्षणश्रीजी, साध्वीश्री चन्द्र्रप्रभा की शिष्या विजय प्रभा, साध्वीश्री चंदन बाला के सान्निध्य में रविवार को सुबह नौ बजे जैन धर्म व संस्कार शिविर के दौरान परीक्षा में अव्वल ज्ञान वाटिका के बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।
सुगनजी महाराज के उपासरे में शुक्रवार को धर्म चर्चा में साध्वीश्री चंदन बाला व साध्वी प्रभंजनाश्रीजी आदिठाणा ने ज्ञान वाटिका के बच्चों की देव, गुरु व धर्म के प्रति समर्पण व निष्ठा की अनुमोदना की। ज्ञान वाटिका की प्रभारी सुनीता नाहटा ने बताया कि जैनाचार्य गच्छाधिपति जिन मणिप्रभ सूरीश्वर की प्रेरणा से 7 वर्षों से ज्ञान वाटिका का संचालन श्री खरतरगच्छ महिला परिषद, खरतरगच्छ युवा परिषद कर रहा है। सुगनजी महाराज के उपासरे में शाम को लगने वाली धार्मिक कक्षाओं में बच्चे नियमित हिस्सा ले रहे है।
उन्होंने बताया कि खरतरगच्छ युवा परिषद जिलाध्यक्ष राजीव खजांची, खरतरगच्छ महिला परिषद की अध्यक्ष श्रीमती रेणु खजांची व अन्य सदस्याओं की प्रेरणा व प्रोत्साहन से ज्ञान वाटिका के बच्चों ने अखिल भारतीय खरतरगच्छ ज्ञान वाटिका परीक्षा में अव्वल स्थान प्राप्त कर बीकानेर का नाम रोशन किया है। प्रथम परीक्षा में हर्षित ने पहला व साक्षी सेठिया ने तीसरा, दूसरी परीक्षा में यश सेठिया व भारती ने अव्वल स्थान प्राप्त किया है। ज्ञान वाटिका के बच्चों की अखिल भारतीय स्तर की चौथी परीक्षा 7 जुलाई 2024 को रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में होगी।
खरतरगच्छ युवा परिषद के मंत्री अनिल सुराणा ने बताया कि ज्ञान वाटिका के तीन बच्चों हर्षित सेठिया, तनिषा सेठिया व आकाश जैन ने पंच प्रतिक्रमण, कई बच्चों ने प्रतिक्रमण, सामयिक, चैत्य वंदन, जिनालय पूजा विधि, स्तवन, स्तुति, ज्ञान, दर्शन व चारित्र की पालना के विभिन्न नियम, नौ तत्व, नौपद, 8 कर्मों, नवकार मंत्र सहित विभिन्न जैन आगमों व तीर्थंकरों के मंत्रों के जाप विधि, भक्तामर सहित अनेक स्तुतियों के साथ भजनों, पंच कल्याणक, 17 भेदी पूजा के नियम, उनमें व्याप्त रागों के भजनों की प्रस्तुतियों का ज्ञान हासिल किया है।
खरतरगच्छ युवा परिषद के अध्यक्ष खजांची ने बताया कि ज्ञान वाटिका के बच्चों ने श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के तत्वावधान में बीकानेर, नाल, देशनोक, उदासर, गंगाशहर, भीनासर, तुलसी विहार सहित अनेक करीब 40 से अधिक मंदिरों में प्रत्येक रविवार को सर्दी-गर्मी, वर्षात व अन्य विपरीत मौसम, परीक्षाओं के समय में भी समूह में स्नात्र पूजा की। इसमें चिंमामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारीवाल, ज्ञानजी सेठिया व पवन खजांची व सुनीता नाहटा प्रेरणा रही। जैन समाज के अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने स्नात्र पूजा में शामिल होने वाले बच्चों को प्रभावना, उपहार व अल्पहार से सम्मानित किया। वहीं वयोवृद्ध श्रावक समाज सेवी विमल कोचर ने ज्ञान वाटिका के बच्चों को विशला माता मंदिर करमीसर, भीनासर की मुरली मनोहर गौशाला, गौड़ी पार्श्वनाथ, नाल, उदयरामसर आदि दादाबाड़ियों का भ्रमण करवाया तथा अनेक खेल खेलाकर मोबाइल से दूर रहने की सीख दी।














