बीकानेर, 2 जून। साध्वीश्री चन्द्र प्रभा की शिष्या साध्वीश्री चंदन बाला व साध्वीश्री मनोहरश्रीजी की शिष्या साध्वी मृगावतीश्रीजी, सुरप्रिया, नित्योदया, आदि ठाणा के सान्निध्य में नाहटा चौक के भगवान आदिश्वरजी के मंदिर में 20 मई से चल रहे भक्तामर महापूजन समापन रविवार को भक्तामर महा अभिषेक के बाद हुआ। आयोजन से जुड़े मनोज नाहटा ने बताया कि भक्तामर महाअभिषेक में 18 प्रकार की जड़ी बुटियों से अभिषेक तथा मंत्रोच्चारण व ’’जय जय आदिनाथ’’ आदि भजनों के साथ प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की अष्ट प्रकार की पूजा की गई । पूजा का लाभ केसरी चंद, राजन व कुसुम खजांची परिवार ने लिया।
साध्वीश्री मृगावती ने कहा कि मांगतुंगाचार्य द्वारा रचित भक्तामर स्तोत्र सर्व विध्न नाशक, सर्वारिष्ट निवारक, सर्व भय,रोग,शोक नाशक, भूत पिशाचादि बाधा निरोधक विभिन्न रोग, शोक व दोष निवारक तथा स्व शरीर रक्षक, लक्ष्मी, सौभाग्य, सम्मान, सर्व सिद्धि विद्या व विजय दायक, है।














