
मोदी हम माफ़ी के भी कहाँ लायक है
जातिगत समीकरणों में बंटे हुए नालायक है
टेंट से भव्य मंदिर में श्री राम को विराजित किया
हमने 272 भी ना दे कर तुम्हें पराजित किया
हो सकता है NDA की सरकार बन जायेगी
मगर सनातनी हुंकार नजर ना आएगी
तुमने हमको एक करने का अथक प्रयास किया
हमने बंटकर तुम्हें बहुत निराश किया
तेरा वो मन की बातें करना, देशभक्तों को भा गया था
विश्व पटल पर हमारा प्यारा तिरंगा छा गया था
हमने तेरे विश्व गुरु बनाने के सपने को तोड़ दिया
तुम्हें आगे कर के हमने, तेरा ही साथ छोड़ दिया
तु फांसी की सजा पाए हिन्दुस्तानियों को ले आया
फिर भी मैं जातिगत समीकरण को महत्व दे आया
5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था तेरा प्यारा सपना था
आज तुम्हें बता दिया, मैं तेरा कितना अपना था
POK को भारत में मिलाने का अबकी तेरा वादा था
मगर राष्ट्रवाद कम, जातिगत समीकरण ज्यादा था
तेरा हर सपना, जो राष्ट्रहित में था, हमने तोड़ दिया
देख लो, तुम्हें आगे बढाकर 250 के नीचे छोड़ दिया
कल तक जो कहते थे 400 पार की आस है
आज वो हर देशभक्त मन से बड़ा उदास है
जमीर बेचकर भी अपना क्यूं आज हम जिंदा है
हम माफ़ी के काबिल नहीं, फिर भी हम शर्मिंदा है
आशीष शर्मा “राज” ✍🏻














