
बीकानेर, 6 जून। ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर गुरुवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने पीपल व बड़ का सिंचन, पंचामृत, जल से किया तथा ’’ओम नमो भगवते वासुदेवा’’ मंत्र का जाप करते हुए 108 परिक्रमा की। अनेक श्रद्धालुओं ने पितृपदोष, काल सर्प पदोष से मुक्ति के लिए पीपल व बड़ के वृक्ष के साथ भगवान विष्णु, शिव व शनिदेव का पूजन किया तथा मंदिरों में दर्शन वंदन किया।
विश्वकर्मा गेट के अंदर कालीमाता मंदिर के सामने के पार्क, सीताराम भवन के सामने स्थित गौरी शंकर महादेव मंदिर के पास, लक्ष्मीनाथ मंदिर सहित विभिन्न स्थानों के पीपल व बड़ का पूजन सूर्योदय से शुरू हो गया जो दोपहर अभिजीत मुर्हूत व दोपहर बाद शाम तक चला। महिलाओं ने पीपल व बड़ के वृक्ष की रोळी मोळी, अक्षत, धूप दीप से पूजा की तथा भजन गाए तथा मंत्रों का जाप किया। कई महिलाओं ने बड़ के पत्तों के गहने बनाकर पहने । शनि भगवान के मंदिरों में भी सुबह व शाम को दर्शनार्थियों की कतार लगी। शनि मंदिरों में तेल का अभिषेक, भक्ति संगीत संध्या का आयोजन हुआ। अनेक श्रद्धालुओं ने कोलायत, हरिद्वार व पुष्कर आदि नदियों में स्नान कर भगवान विष्णु व गंगा माता का ध्यान किया। कई लोगों ने गायों को घास, चारा, कुत्तों को रोटी, कौवों को तथा वृद्ध आश्रम, पब्लिक पार्क व अन्य स्थानों पर फुटपाथ पर प्रवास कर रहे लोगों को भोजन करवाया तथा शीतल जल, वस्त्र आदि का दान किया। अनेक स्थानों पर शरबत व शीतल पेय आमजन को पिलाया गया।














