
10,जून, श्री गंगानगर, श्री गुरु अर्जुन दास सत्संग भवन के संस्थापक एवं श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरु अर्जुन दास जी द्वारा सत्संग भवन में रविवार को 592 वा लंगर लगाया गया। लंगर मे लस्सी व चना, पुलाव ,देशी घी से निर्मित स्वामिनी के लड्डू काश्री रुद्र हनुमान जी को भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया। समिति द्वारा सेवाएं श्री गुरु अर्जुन दास, हुक्मी देवी, संगठन मंत्री सतपाल,कोर,अनुज मल्होत्रा,पडित नरेश शर्मा, आशा रानी, सुभाष छाबडा,एमडी सतीश, राजरानी, दिया, खुशी, निशा, अभिषेक, कमलजीत भुल्लर, नवनीत मलोट, मिकी ,सुमन, साहिल, देवेंद्र, संजु, यशपाल, पुनम, छिद्र पाल,जगतार सिंह, सिद्धू जस्नकोर, कमलजीत सिंह, विडंग महेंद्र भटेजा व अन्य सदस्यों द्वारा दी गई। सभी ने तन मन से सेवा दी। श्री गुरु अर्जुन दास जी द्वारा महाराणा प्रताप जयंती पर संदेश दिया गया कि
“9 जुन, 1540 को जन्मे महाराणा प्रताप को हमारे देश के पहले स्वतंत्रता सेनानी के रूप में माने जाते है। महाराणा प्रताप के पिता का नाम उदय सिंह द्वितीय और माता का नाम महारानी जयवंता बाई था।उन्हें अकबर की अवज्ञा और उनके वफादार घोड़े चेतक की बहादुरी के लिए याद किया जाता है। महाराणा ने उस समय मुगल साम्राज्य के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी जब दूसरों ने अकबर के वर्चस्व को स्वीकार कर लिया था। आज उनकी याद में जयंती मनाई जा रही है। महाराणा प्रताप अपने सभी भाई-बहनों में सबसे ज्यादा युद्ध में माहिर थे। उन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करके हुए अपने प्राण त्याग दिए थे। महाराणा प्रताप ने मुगल साम्राज्य के विस्तार वाद के खिलाफ सैन्य प्रतिरोध और हल्दीघाटी, देवर की लड़ाई काफी अहंम मानी जाती है। महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह संदेश देता है कि ‘जो मनुष्य अपने कर्तव्य और इस सृष्टि के कल्याण के लिए सदैव प्रयत्नरत रहता है,उस मनुष्य को युग युगांतर तक स्मरण रखा जाता हैं।’ अतऐव हमें भी अत्याचार, अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और अपने तथा अपने प्रिय जनों के स्वार्थ से ऊपर उठकर हमेशा देश हित के बारे में सोचना चाहिए। आदरणीय श्री दामोदर दास नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री की शपथ लेने पर वह कर्मठ योद्धा की तरह व्यवस्था करने वाले देश के दुसरे पि एम को वह सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरु अर्जुन दास














