बीकानेर, 18 जून। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के आचार्य जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी ने जैन आगमों के मंत्रोच्चारण, महामंगल वाणी व

वचनामृत से ढढ्ढों के चौक स्थित प्रवचन पंडाल में शिवबाड़ी के पार्श्वनाथ मंदिर में 27 जून से एक जुलाई तक होने वाले अंजन श्लाका व प्रतिष्ठा के आमंत्रण पत्र को अभिमंत्रित कर जिनालयों में चढ़वाकर वितरण शुरू करवाया।
आचार्यश्री ने साधु, साध्वी, श्रावक-श्राविकाओं के चतुर्विद संघ की साक्षी में केसर युक्त अक्षत चढ़वाकर, श्रावक-श्राविकाओं से मंत्र जाप करवाकर देवी सरस्वती की प्रतीक मयूर पंख लगी लेखनी से आमंत्रण पत्र पर तीर्थंकरों के मंदिरों, अधिष्ठायक देवों के नाम अंकन करवाकर विभिन्न जैन संघों के पदाधिकारियों को प्रदान किए। हर्षो उल्लास व भक्ति गीतों की स्वर लहरियों और ढोल के संगीत के साथ श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के मंत्री रतन लाल नाहटा, महावीर सिंह खजांची, राजेन्द्र लूणिया, मनोज सेठिया, पवन पारख, सुरेन्द्र खजांची,राजीव खजांची, कंवर लाल मुकीम बोथरा व मनु मुसरफ आदि सदस्यों, जिनेश्वर युवा परिषद के अध्यक्ष संदीप मुसरफ, मंत्री मनीष नाहटा व सदस्यों ने सर्व प्रथम आचार्यश्री व साध्वीवृंद को आमंत्रण प्रदान किया। बीकानेर मूल के मुनि सम्यक रत्न सागर म.सा. ने कहा पुण्यों के उदय होने से मंदिर का निर्माण व उसके कार्यक्रमों में भागीदारी का सुयोग मिलता है। देव, गुरु व धर्म के कार्यां में, जिनालयों के निर्माण व उसके जीर्णोंद्धार से पुण्यों संचय व पापों का विसर्जन होता है।
मुनि व साध्वीवृंद के नेतृत्व में श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के मंत्री रतन लाल नाहटा व सदस्यों ने नाहटा चौक के भगवान आदिनाथ, शांति नाथ, भुजिया बाजार के श्री चिंतामणि जैन मंदिर, रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज का उपासरा सहित विभिन्न जिनालयों में आमंत्रण पत्र चढ़ाए तथा निर्विघ्न आनंद व उल्लास से शिवबाड़ी के गंगेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर में अंजन श्लाका प्रतिष्ठा महोत्सव करवाने की प्रार्थना की। विचक्षण महिला मंडल, श्री खरतरगच्छ महिला मंडल के साथ श्रावक-श्राविकाओं ने भी जिनालयों में भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दी।
इस अवसर पर साध्वीश्री चंदनबाला व मृगावती श्रीजी आदिठाणा, श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ, श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट, श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर जीर्णोंद्धार समिति, श्री गंगेश्वर पार्श्वनाथ प्रतिष्ठा समिति व श्री जिनेश्वर युवक परिषद के पदाधिकारी, सूरत, कोटा , बाड़मेर, देशनोक जैन श्री संघ के पदाधिकारी, जैन श्वेताम्बर तपागच्छ, पार्श्वचन्द्र गच्छ, तेरापंथ संघ, साधुमार्गी जैन संघ, शांत क्रांत संघ,, चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारीवाल सहित विभिन्न जैन संघों के पदाधिकारी व प्रतिष्ठित श्रावक मौजूद थे। उनको कार्यक्रम स्थल पर ही आमंत्रण पत्र प्रदान किया गया।














