
हिन्दी हमारी शान है,
मित भाषा हिन्दी पर अभिमान है!!
हिन्दी भारत की पहचान है,
मातृभाषा हिन्दी सबसे महान् है।।
हिन्दी गंगा यमुना सी पवित्र है,
कंठों में हिन्दी! सरस्वती सी निर्मल है!!
हिन्दी प्राकृत भाषा की बहन हैं,
शिक्षा जगत में हिन्दी! चहुंओर अनवरत है।।
हिन्दी साहित्य का श्रृंगार है,
साहित्यकारों में हिन्दी! हृदय का हार है!!
हिन्दी गुणों की खान है,
चारों दिशाओं में एकता! हिन्दी का सोपान है।।
हिन्दी ऋषि मुनियों का उपहार है,
माधुर्य भाषा में हिन्दी! सरलता का आधार है!!
हिन्दी संविधान का प्राण है,
सर्वांगीण विकास में, हिन्दी अनुठा प्रकाश है।।
हिन्दी समता का सागर है,
राष्ट्र गान में, हिन्दी का मीठा रसपान है!
हिन्दी नव संवत्सर का सार है,
भारतीय संस्कृति में, हिन्दी का बहुमान है।।
हिन्दी शीतल झरने की बौछार है,
सौहार्द्र प्रेम की, हिन्दी करता गुहार है!
हिन्दी संस्कारों की मीनार है,
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई, करता सम्मान है।।
हिन्दी हमारी शान है,
मित भाषा हिन्दी पर अभिमान है!
हिन्दी भारत की पहचान है,
मातृभाषा हिन्दी सबसे महान् है।।
!!जय हिन्द!!
::हिन्दी दिवस पर सादर समर्पित::
रचनाकार:: 7734968551
मोहनलाल भन्साली “कलाकार”
गंगाशहर, बीकानेर, राजस्थान!
दिनांक:: 12.09.2024













