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समाज के नियंत्रण से क्या नहीं है संभव,उदाहरण है गोचर की दीवार,अब बजरंग धोरा क्षेत्र में बन रही है दीवार

समाज के नियंत्रण से क्या नहीं है संभव,उदाहरण है गोचर की दीवार,अब बजरंग धोरा क्षेत्र में बन रही है दीवार


???? संपादक- बीकानेर लाइव महावीर कुमार सहदेव

भामाशाहो के सहयोग से बजरंग धोरा क्षेत्र की गोचर भूमि मैं बन रही लंबी दीवारें हमें इस बात से अवगत कराती है कि समाज का नियंत्रण ही बड़े से बड़े कार्य को अंजाम दे देता है। जन सहयोग एवं पूर्व मंत्री देवी सिंह जी भाटी के आह्वान एवं गौ माता की असीम कृपा से अब बजरंग धोरा क्षेत्र की गोचर भूमि में भी लगातार लंबी दीवारें बननी शुरू हो गई है। शायद भारत वर्ष का यह पहला सामाजिक गो हितार्थ कार्य है जो प्रतिबल लगातार आगे बढ़ता ही जा रहा है।शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इस तरह बीकानेर की इतनी बड़ी गौचर भूमि के चारों तरफ इतनी मजबूत और लंबी दीवारें बन जाएगी। इस कार्य की खुशी हर एक व्यक्ति के दिल में है क्योंकि यह कार्य गौ माता की संरक्षण से जुड़ा हुआ है और लोग लगातार दिल खोलकर आर्थिक सहयोग देने के लिए आगे भी आ रहे हैं,गरीब मजदूर परिवार से लेकर बड़े समाज सेवक एवं आर्थिक दृष्टि से मजबूत परिवारो के भी लोग इस कार्य में लगातार आर्थिक सहयोग देकर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।दीवार की विशेषता की बात करें तो सबसे पहले तो नींव की मजबूती,फिर बात करें दीवार की मोटाई की तो 18 इंच नीचे की चौड़ाई है,फिर तीन चार फीट ऊपर उठने के बाद,14 इंच की चौड़ाई और फिर सबसे ऊपर 9 इंच की चौड़ाई और अंत में दीवार के ऊपर गोलाकार पलस्तर ताकि दीवार के ऊपर पानी ना ठहर सके। दीवार की मजबूती के लिए अंतिम काम दीवार के दाएं बाएं दोनों तरफ मजबूत (टीप) प्लास्टर किया गया है ताकि कभी भी दीवार मैं दरारे न आए।सारा काम होने के बाद दीवार को मजबूती देने के लिए दीवार के ऊपर तपड़ों को दोनों तरफ लटका कर पानी से लगातार तराइ की जाती है जिससे दीवार बहुत ज्यादा मजबूत बन जाए बताओ फिर इससे मजबूत कार्य और क्या होगा।अब इस तरह से बनाई गई दीवार को कौन गिरा सकता है। आज के इस समय में दीवार का प्रचार प्रसार इतना हो गया की लोग अपनी यादों को संजोए रखने के लिए दीवारों के पास सेल्फी लेते हुए नजर आते हैं।हर पार्टी का छोटा-बड़ा नेता या सामाजिक कार्यकर्ता इस दीवार कार्य से जुड़ना भी चा रहा है क्योंकि ऐसा समय फिर कभी बीकानेर में आने वाला नहीं है।गौ सेवा में अपना विश्वास रखने वाला व्यक्ति जरूर इस दीवार में मदद करना चाहेगा। मेरे ख्याल से इससे बड़ा कोई पुण्य का कार्य नहीं हो सकता। पूर्व मंत्री देवी सिंह जी भाटी के पहल करने से पहले गौ सेवकों की संख्या न के बराबर ही थी आज भाटी साहब की पहल के बाद सैकड़ों हजारों व्यक्तियों का एक कारवां बन गया है।गौ माता के आशीर्वाद से इतनी लंबी दीवार बहुत ही कम समय में बनकर तैयार हो रही है यह शायद किसी ने नहीं सोचा होगा लेकिन यह सच है। गोचर मैं बहुत से लोगों के कब्जे भी थे जो कमोबेश खुद ही अपने आप हटते चले गए। जहां-जहां दीवार बनती जा रही है वहां वहां कुछ एक लोग हैं जिनकी दिल की धड़कन बड़ी हुई है ऐसे लोग भी अब तेज गति से रेल की तरह चलने वाली इस दीवार के आगे से अपने कब्जे हटाते हुए नजर आ रहे हैं,ज्ञात रहे ऐसे लोगों के लिए तो बड़ी शर्म की बात हो रही है “की करे तो करे क्या” ऐसे लोग फिर अपने दिल को ढाढंस बंधाकर अपने आप ही कब्जा छोड़ने को आतुर हो जाते हैं। इसी गोचर में बड़े-बड़े बालू रेत टिब्बे थे जो रेत माफियाओं ने कई किलोमीटर के दायरों में साफ कर दिए और पता नहीं इस दीवार के बनने से पहले करोड़ों की बालू रेत रेत माफियाओं ने बैच दी अब इनका भी रास्ता बंद है। इस गोचर के लिए बन रही दीवार से शायद आज पूरा विश्व अवगत है। इस जनशक्ति से हर कोई आज वाकिफ है एक बड़ी ताकत जिसके पीछे गौ माता की बड़ी कृपा है।पूर्व मंत्री देवी सिंह जी भाटी एवं गौ सेवकौ के पूरे समूह का नाम इस कार्य में अग्रणीय है जो लगातार इस सेवा कार्य में जुड़े हुए हैं।हर तरह का संसाधन तुरंत आ जाना और तुरंत ही जरूरत के अनुसार दीवार का निर्माण होना यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है। बहुत से ऐसे सेवक हैं जो अपना कीमती समय निकाल कर इस दीवार के इर्द-गिर्द देखरेख करते हैं ताकि दीवार में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। दीवार में माल मसाला आदि का पूरा खयाल सभी रखते हैं। आज यह दीवार पूरे हिंदुस्तान में एक मिसाल बनती जा रही है,हर गांव हर शहर में लोग गोचर,ओरण,तालाब की जगह जहां भी है वहां पर पर लोग कब्जा करने से भी शर्मा रहे हैं और जिन्होंने पहले कब्जे कर लिए थे वह अपने आप शर्म के मारे ही स्वेच्छा से छोड़ने को भी तैयार है।चाहे ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र हर जगह के नेता हो या समाज सेवक सभी का सारा ध्यान गोचर,ओरण,तालाब की ही जमीन पर दे रहे हैं ऐसा देखने को मिल रहा है। आज भाटी जी की पहल से एक तरह से पूरे देश में परिवर्तन आ रहा है।बात करें दानदाताओं की तो दानदाता भी खुलकर सामने आ रहे हैं क्योंकि इस निर्माण कार्य में एक भी पैसा कोई खाने वाला नहीं है कोई फालतू का बर्बाद करने वाला नहीं है जो भी लोग जुड़े हैं बिल्कुल निस्वार्थ और गौ सेवा के लिए ही जुड़े हैं। लोग दिल खोलकर इस निर्माण कार्य में सहयोग कर रहे हैं।कोई निर्माण सामग्री दिलवारा है तो कोई निर्माण करवाने का पैसा दे रहा है।सहयोग करने वाले ऐसे तमाम लोगों को गो सेवक नतमस्तक प्रणाम करते हैं।

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Gordhan Soni

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