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संत भावनाथ आश्रम में यज्ञ व कथा

श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी,पण्डाल बढाया
दिन भर चला भण्डारा
काशी के संत श्रीदिव्य देवस्वरूप ब्रह्मचारीजी महाराज
का रहा सानिध्य

बीकानेर। श्री गंगानगर रोड़ कानासर फांटा स्थित संत भावनाथ आश्रम में गौ हित एवं सामाजिक चेतना के लिए हो रहे 21 कुण्डी श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा में आज सर्वाधिक भीड़ उमड़ी। आयोजन समिति के प्रहलाद ओझा ‘भैरुं’ ने बताया श्री 21 कुण्डी श्रीविष्णु महायज्ञ में आज 50 जोडों ने आहुतियां दी,प्रधान कुण्ड पर मुख्य यजमान के साथ 4 यजमानों ने सपत्नीक आहुतियां दी।यज्ञाचार्य प.अशोक ओझा ने पुरुष सूक्त व श्रीसूक्त के मंत्रों से आहुतियां दिलवाई।

संत पूजन
यज्ञ मण्डप में बनारस के ब्रह्मचारी श्रीदिव्य देवस्वरूप ब्रह्मचारीजीव भावनाथ महाराज का यजमानों द्वारा प.विनोद ओझा,प.शंकर ओझा व प.सोमदत्त आचार्य ने मंत्रोचार के साथ चंदन,अक्षत,पुष्प,फल व दक्षिणा से पूजन करवाया।

भागवत कथा

भावनाथ आश्रम स्थित गौ शाला परिसर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आज कथावाचक प.मालामहाराज पारीक ने कहा कि
भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। छठे दिन व्यास पीठ पर विराजमान कथावाचक प.मालामहाराज ने महाराज का वर्णन करते हुए कहा कि महारास में गाये जाने वाले पांच गीतों को जो भाव से गाता है वह भव पार हो जाता है।
रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण वाचन के साथ गायन किया गया। हैं। कथा के दौरान भक्तिमय संगीत ने श्रोताओं को आनंद से परिपूर्ण किया। कथावाचक ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण-रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती हैं। उन्होंने वर्तमान में विवाह उत्सव में बढ़ रही विलासिता पर कहा कि समाज को इसपर चिंतन मनन कर इसमें आ रही विकृतियां दूर करने का प्रयास करना चाहिये।

संतो की उपस्थिति

श्रीमद्भागवत कथा मंच पर काशी बनारस के श्रीदिव्य देवस्वरूप ब्रह्मचारी जी महाराज एवं गोरख कुटिया के संत नारायण महाराज उपस्थित रहे।
काशी(बनारस) के श्रीदिव्य देवस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने गौ सेवा के लिए होने वाले आयोजन को लेकर आयोजन समिति को धन्यवाद देते हुए सबकी मंगलकामना की तथा कीर्तन करवाया।श्रीमद्भागवत कथा की आरती यजमान विष्णु भाटी ने सपत्नीक की ।

दिन भर चला भण्डारा
यज्ञ एवं कथा के छठे दिन भारी भीड़ को देखते हुए आज कथा पण्डाल टैंट बढ़ाया गया ।
आयोजन समिति के प्रहलाद ओझा ‘भैरुं’ ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए भण्डारा भोजन जल्दी शुरू कर दिया जो शाम तक निरन्तर चला। भण्डारा प्रसादी में लापसी,हलवा,रसगुल्ला,बूंदी,सूजी हलवा आदि प्रतिदिन बनाए जा रहे है तथा दाल सब्जी पकौड़ी भुजिया व गर्म फुलके बनाकर भोजन करवाया जा रहा है। भण्डारा भोजन के अलावा चाय कॉफी व पंडितों के लिए फलाहार सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से ही किया जा रहा है।

गौशाला की परिक्रमा
संत भावनाथ महाराज के सानिध्य में आज श्रद्धालुओं ने गौ शाला की नंगे पांव परिक्रमा की तथा गौ खुर की मिट्टी मस्तक पर लगाई।
श्रवण गोदारा व पृथ्वीं सिंह ने गाय का हमारे जीवन में 16 संस्कार में महत्व को बताया।

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दिलीप गुप्ता

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